शामली। पानीपत और मथुरा रिफाइनरी से पर्याप्त तारकोल न आने से सड़क निर्माण प्रभावित हो रहा है। तारकोल न मिलने से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के ठेकेदार दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे की मरम्मत का कार्य नहीं कर पा रहे है। इससे शामली जिले की 150 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
दिल्ली- शामली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण के बाद बागपत एवं शामली जिले में सड़क में गड्ढे होने से बदहाल हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर से दो साल पहले से हाईवे की मरम्मत के लिए फरीदाबाद की कंपनी को बागपत जिले की सीमा से लेकर सहारनपुर तक ठेका दिया हुआ है।
ठेकेदार बागपत जिले में कलक्ट्रेट सीमा से आगे सोनीपत रोड तक मरम्मत का कार्य करा पाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई को मथुरा रिफाइनरी और शामली जिले में लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण के लिए पानीपत की रिफाइनरी से तारकोल आता है।
बागपत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साइट इंजीनियर अंकित कुमार के मुताबिक हाईवे की मरम्मत के लिए ठेकेदार को मथुरा रिफाइनरी से पर्याप्त मात्रा में तारकोल नहीं मिल पा रहा है।
तारकोल न मिलने के मामले में बागपत डीएम ईशिता लाल भी मथुरा रिफाइनरी को पत्र लिख चुकी है। अब तारकोल न मिलने कांवड़ मार्ग की मरम्मत का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह के मुताबिक लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार पानीपत रिफाइनरी से तारकोल मंगाते है। ठेकेदारों को पर्याप्त मात्रा में पानीपत रिफाइनरी से तारकोल नहीं मिल पा रहा है। पानीपत से भी चालीस प्रतिशत तारकोल मिल पा रहा है।
पानीपत रिफाइनरी एक माह तक मरम्मत के नाम पर बंद : लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार रजत तोमर का कहना है कि सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के कार्य में ईरान- दुबई और इराक से आ रहे कच्चे तेल से तारकोल बनता था। पानीपत रिफाइनरी को 29 मार्च के ऑर्डर का तारकोल अभी तक मिल पा रहा है।
18 जुलाई से पानीपत रिफाइनरी को मरम्मत के नाम एक माह के लिए बंद किया गया है। इमरजेंसी के कार्य के लिए पंजाब के बठिंडा से तारकोल मंगाया जा रहा है। मथुरा रिफाइनरी में एक और दो माह की वेटिंग में तारकोल की गाड़ियां आ रही हैं।