जलालाबाद खेत में खड़ी लहसुन की फसल।
जलालाबाद। बीते वर्ष से लहसुन के दाम बढ़ने के बाद नीचे नहीं आए है। इसको देखते हुए किसानों ने लहसुन की फसल का रकबा भी बढ़ा लिया है। जिसमें रकबा बढ़कर 200 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। किसान इस बार भी लहसुन के अच्छे दाम की उम्मीद कर रहे हैं।
जलालाबाद क्षेत्र में सब्जियों की खेती व्यापक स्तर पर की जाती है। इसमें आलू एवं लहसुन की खेती सबसे अधिक है। गत वर्ष लहसुन का रकबा करीब 2000 बीघा यानि लगभग 135 हेक्टेयर था। लहसुन के दामों में रिकाॅर्ड वृद्धि हुई तो लहसुन का रकबा 200 हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्नत किसान लहसुन की बेहतरीन किस्मों से अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
लहसुन की बुवाई का कार्य अक्तूबर, नवंबर माह में लगभग पूरा हो गया था। बाजार में लहसुन 400 रुपये किलो तक बिका था। इसलिए किसानों ने अन्य फसलों के बजाय लहसुन की फसल को अधिक महत्व दिया है। फिलहाल मंडी में किसानों के लहसुन का भाव 100 रुपये किलो से लेकर 200 रुपये किलो तक चल रहा है। बीते साल लहसुन उत्पादक किसानों को अच्छे दाम मिले थे। ऐसे में इस बार उन्होंने रकबा बढ़ाया है। इस बार भी किसानों को उम्मीद है कि लहसुन के मंडी में अच्छे दाम मिलेंगे।