शामली। दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। आयुष मलिक उर्फ रहमान ने मीडिया के सामने आकर कहा कि उसका जबरन धर्मांतरण नहीं कराया गया।
उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है और अपने फैसले से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है। आयुष मलिक ने कहा कि समाज के लोग उस पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। कहा कि उसने 2008 से इस्लाम धर्म का अनुसरण करना शुरू कर दिया था। उसने अपनी तीनों बहनों की शादी होने के बाद ही परिजनों को इस्लाम धर्म अपनाने की जानकारी दी थी।
उसने चार साल पहले शामली की लड़की चांदनी कुरैशी से दिल्ली में निकाह किया। पिता देवराज मलिक की तरफ से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के सवाल पर कहा कि समाज के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया है। ब्रेनवाश के सवाल पर कहा कि अगर ऐसा होता तो वह अपने माता पिता को भूल गया होता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आयुष ने कहा कुछ लोग इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। उसने कहा कि पाकिस्तान या फिलिस्तीन से उसका कोई संबंध नहीं है। पाकिस्तानी डा. इसरार का समर्थन करते हुए कह कि उनकी कही हुई बातों को कोई मौलाना नहीं काट पाता।
उनकी स्पीच आपसी मोहब्बत व प्रेम का संदेश देती है, इसलिए वह उनकी स्पीच सुनता है। दाढ़ी बढ़ाने के सवाल पर कहा कि ये हमारे इस्लाम में सुन्नत है।
हमारे सभी नबी ने भी दाढ़ी रखी थी। उसके माता-पिता पूजा पाठ करते हैं और वह पांच वक्त की नमाज पढ़ता है। दोनों ही परिवार मेरे अपने है, वह किसी को नहीं छोड़ेगा।
बेटे का ब्रेनवाॅश किया ठीक होने में थोड़ा वक्त लगेगा : देवराज
शामली। दवा कारोबारी देवराज मलिक पुलिस की गाड़ी से एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने कहा कि उनका बेटा शिक्षित, होनहार और कर्मठ है। संपत्ति हड़पने के लिए चांदनी व उसके परिवार के लोगों ने धर्मांतरण कराया। उन्हें इसी वर्ष जनवरी में उसके व्यवहार में बदलाव नजर आया तो मामला संदिग्ध लगा। फरवरी में उसने उन्हें धर्मांतरण की बात बताई। तभी से वे अपने स्तर से बेटे को समझाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष का ब्रेनवॉश बड़े स्तर पर किया गया है। उसे ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनका बेटा सनातन धर्म में वापस आएगा। संवाद
गवाहों के बयान फैसला तय करेंगे: अधिवक्ता
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईशपाल सिंह ने बताया कि युवक के धर्मांतरण में मुख्य बयान वादी देशराज मलिक के होंंगे। इसके अलावा पुलिस विवेचना में जो गवाह होंगे उनके बयान भी फैसला तय करेंगे। विवेचना के दौरान पुलिस को अधिकार है कि वह आयुष मलिक के बयान कोर्ट में कराए अथवा नहीं। बार एसोसिएशन के महासचिव सरवेज जंग ने बताया कि धर्मांतरण के मामले में वादी की एफआईआर और अन्य गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत करेगी।