दयानंद नगर में विलाप करते मृतक के परिजन।
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मेरठ की वेद व्यास कॉलोनी में शुक्रवार सुबह मकान के कमरे में ही एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रहे शामली के दयानंद नगर के रहने वाले छात्र अरुण मलिक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को जैसे ही छात्र के आत्महत्या का पता चला, उनमें गम का माहौल छा गया।
मृतक छात्र अरुण मलिक के पिता रिटायर्ड शिक्षक सोहनवीर मलिक ने कहा कि बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बेटा एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रहा था। इसके लिए वह बीते सितंबर माह में ही मेरठ गया था और वेद व्यास कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था।
बताया कि बृहस्पतिवार की शाम ही उसने अपनी मां अनिता से बात की थी। कहा था कि, मम्मी आप ने खाना खा लिया है, और पापा ने खाना खाया या नहीं? मां ने कहा था कि उसका व्रत है, उसके पापा ने खाना खा लिया है। छात्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे थे।
पढ़ाई में होशियार था अरुण
पिता ने बताया कि अरुण ने वर्ष 2023 में देहरादून से बीटेक की परीक्षा पास की थी। परीक्षा में उसने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। कहा कि छात्र किसी भी तरह की टेंशन में नहीं था। उसे पैसों की भी कोई दिक्कत नहीं थी। शामली से मेरठ जाकर तैयारी कर रहा था, क्योंकि मोहल्ले में कुत्तों की आवाज के कारण पढ़ाई प्रभावित होती थी, इसलिए वह मेरठ में किराए के मकान में रह रहा था।