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हथियार तस्करी में पहले भी चर्चाओं में रहा शामली

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शामली। खालिस्तानी आतंकी कनेक्शन के साथ ही अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में जनपद पहले भी चर्चाओं में रहा है। जनपद के कई लोग दूसरे राज्यों में हथियार तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके है। पाकिस्तान से भी हथियार तस्करी के मामले भी सामने आ चुके है।
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एटीएस द्वारा गांव गोगवान जलालपुर निवासी राजसिंह और आसिफ को पिस्टल और तमंचे के साथ पकड़ा गया है। एटीएस ने राजसिंह का खालिस्तानी आतंकवादियों के मॉड्यूल को हथियार सप्लाई करने का खुलासा किया है। हथियार तस्करी या सप्लाई करने का जनपद में यह पहला मामला नहीं है। पाक कनेक्शन और खालिस्तानी आतंकी कनेक्शन के पूर्व में खुलासे हो चुके हैं। जनपद का कस्बा कैराना हथियार तस्करी के मामलों में पहले से ही चर्चित रहा है। करीब तीन साल पले अटारी बॉर्डर पर गांव पंजीठ निवासी मुल्तानी अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। पिछले साल अक्तूबर 2018 में कस्बा कैराना निवासी इसरार को हरियाणा के जींद में सीआइए पांच हथगोले और एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इसी साल जनवरी में गांव तितरवाड़ा निवासी सुएब फरीदाबाद में रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने नौ पिस्टल और 18 मैगजीन के साथ पकड़ा था। इसके पांच दिन बाद ही इसी गांव के मूसा को दिल्ली पुलिस ने करीब 20 पिस्टल और मैगजीन के साथ पकड़ा था। 2014 में पाकिस्तान से जूसर मिक्सर में पाकिस्तान से पिस्टल छिपाकर लाते हुए अटारी बार्डर पर कांधला, कैराना और जलालाबाद के पांच लोगों के पकड़े गए थे।
स्टेशन को बम से उड़ाने धमकी का मिला था पत्र
इसी साल अप्रैल माह में रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से डाक से धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र को जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था। पत्र में शामली समेत वेस्ट यूपी, दिल्ली और हरियाणा के कई स्टेशनों, कई प्रमुख मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को मारने की भी धमकी दी गई थी। यह मामला जीआरपी थाने पर दर्ज हुआ था। पुलिस की जांच के बाद भी धमकी भरा पत्र भेजने वाले का पता नहीं चल सका।
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विदेशी लोगों की भी शरणस्थली रहा जनपद
शामली जनपद में बाहरी लोगों के भी छिपे होने के कई मामले सामने आए। इसी साल जुलाई माह में कस्बा जलालाबाद में अवैैध रूप से रह रहे म्यांमार निवासी चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। चारों युवक जेल में है। 2015 में थानाभवन में बांग्लादेशी यामीन रह रहा था। जब उसके अवैध रूप से रहने का खुलासा हुआ तो वह फरार हो गया था। इसका आज तक पता नहीं चल सका। कस्बा कैराना में परिवार के साथ वीजा पर आया पाकिस्तानी नवेद भी गायब हो गया था। उसका भी आज तक पता नहीं चल सका।
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