दरअसल, संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर जिले के किसान शामली शुगर मिल में 20 दिन से धरना दे रहे हैं। बुधवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। शाम के समय किसान एकत्रित होकर गुरुद्वार के पास तिराहे पर पहुंचे और जाम लगाकर बैठ गए। किसानों ने कहा कि मिल में वह 20 दिन से धरना दे रहे हैं, मगर अधिकारी उनके पास जाना तक मुनासिब नहीं समझ रहे। इस कारण उन्हें सड़क पर धरना देने को मजबूर होना पड़ा। गुस्साए किसानों ने खूब नारेबाजी की।
सूचना पर एएसपी संतोष कुमार, कोतवाल समय पाल अत्री मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। बाद में एएसपी ने जिलाधिकारी अरविंद चौहान से किसान नेता संजीव शास्त्री की वार्ता कराई। जिलाधिकारी ने जल्द बकाया भुगतान का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब आधा घंटे बाद किसानों ने जाम खोला। इस मौके परवेंद्र कुमार, जयवीर सिंह, हरेंद्र, ओमबीर, अरविंद कुमार, संजीव कुमार, पुनीत आदि शामिल रहे।
बुधवार सुबह चार बजे शामली के किसान सुखविंदर सिंह, राजपाल सिंह, गजे सिंह, मदन सिंह, कुलविंदर सिंह आदि सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में धान भरकर हरियाणा के करनाल मंडी में बेचने के लिए जा रहे थे। हरियाणा बॉर्डर पर तैनात पुलिस ने किसानों को मंडी में जाने से रोक दिया। इस कारण कुछ देर बाद ही हरियाणा बॉर्डर से लेकर बिडौली चौक तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। तीन घंटे तक वाहन चालक परेशान रहे। पुलिस का कहना है कि शामली के किसानों से धान हरियाणा नहीं ले जाने की अपील की जा रही है।