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शामली धर्मांतरण प्रकरण: बंधक बनाने की शिकायत पर हाईकोर्ट में पेश हुआ आयुष, पिता देवराज मलिक ने कही ये बात

Wed, 16 Sep 2026 08:54 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: शामली के चर्चित धर्मांतरण केस में आयुष को खुद का दोस्त बताने वाले सुल्तान की शिकायत पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आयुष और उसके पिता देवराज मलिक इलाहाबाद पहुंचे। पिता देवराज मलिक ने बताया कि हाईकोर्ट ने कहा है कि आयुष को अपना जीवनसाथी चुनने का हक है। 
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पिता देवराज मलिक के साथ आयुष मलिक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर के चर्चित धर्मांतरण प्रकरण में बुधवार को आयुष मलिक हाईकोर्ट में पेश हुए। आयुष को अपना दोस्त बताने वाले मो. सुल्तान की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान आयुष के पिता मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक भी मौजूद रहे।
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आयुष मलिक की बिना दाढ़ी वाली फोटो, जो वायरल हो रही है। - फोटो : अमर उजाला
शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि संपत्ति हड़पने के लिए उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया। इस मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था।

चांदनी कुरैशी
इसी मामले में मो. सुल्तान ने खुद को आयुष का दोस्त बताते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर आयुष को उसके पिता द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारियों और देवराज मलिक को आयुष को 16 सितंबर को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। पेश नहीं करने की स्थिति में एसपी और थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर कारण बताने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर आयुष मलिक पेश हुआ है।

आयुष मलिक। - फोटो : अमर उजाला
आयुष को बंधक नहीं बनाया : देवराज
आयुष के पिता देवराज मलिक ने इलाहाबाद से फोन पर बताया कि आयुष को बंधक बनाकर रखने की बात पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट में उसकी दुकान पर काम करते समय की सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत पेश किए गए हैं। हाईकोर्ट ने आयुष को स्वतंत्र करने के आदेश दिए हैं। उसके साथ पुलिसकर्मी भी थे।
 
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आयुष मलिक और चांदनी। - फोटो : अमर उजाला
बकौल देवराज, कोर्ट ने कहा कि अब कोई भी पुलिसकर्मी उसके साथ नहीं जाएगा। इसके अलावा कहा गया कि आयुष अपने साथी का चुनाव करने में खुद सक्षम है। उस पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होनी चाहिए। वैवाहिक जीवन के संबंध में कानून के अनुसार उचित निर्णय लेने की स्वतंत्रता होगी। 

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