बार-बार खराब हुआ एसी
याचिका में आरोप लगाया गया कि एसी कमरे को ठीक से ठंडा नहीं कर रहा था। शिकायत के बाद कंपनी का कर्मचारी मौके पर पहुंचा और एसी को ठीक कर गया, लेकिन कुछ दिन बाद फिर कूलिंग बंद हो गई। दोबारा शिकायत करने पर कंपनी के कर्मचारी ने एसी में गैस भर दी, लेकिन इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि उसे जानबूझकर पुराना और खराब एसी बेच दिया गया, जिसके कारण वह बार-बार खराब हो रहा था।
आयोग ने पुराना एसी बदलकर नया लगाने को कहा
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार ने की। आयोग ने पुराना एसी बदलकर नया एसी अपने खर्च पर उपभोक्ता के घर में लगाने के आदेश दिए।
आयोग ने मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये देने के निर्देश दिए। इसके अलावा अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया। इस तरह आयोग ने कुल 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।
45 दिन में राशि जमा करने के निर्देश
आयोग ने निर्देश दिया कि आदेश का पालन करते हुए 45 दिन के भीतर राशि जमा की जाए। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।