ढाई साल बाद कागजात अधूरे बताकर पॉलिसी बंद करने का आरोप
रचना शर्मा का आरोप था कि करीब ढाई साल बाद उन्हें फोन कर बताया गया कि उनके कागजात अधूरे हैं और इसी वजह से पॉलिसी निरस्त कर दी गई है। पांच लाख रुपये जमा करने के बावजूद कंपनी की ओर से उन्हें केवल 50 हजार रुपये वापस किए गए। रचना शर्मा ने पॉलिसी बंद किए जाने से मानसिक क्षति होने की बात कहते हुए उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की।
याचिका में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस प्राइवेट लिमिटेड पंजाब के बलाचौर के अधिकारी मोहन सिंह, दिल्ली रोड सहारनपुर स्थित कंपनी के शाखा प्रबंधक और बलवा गांव निवासी एजेंट देवेंद्र चौहान को पक्षकार बनाया गया था।