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Shamli: टिकैत बोले- 2024 में भाजपा सरकार आई तो किसान जिंदा नहीं बचेगा, मिल अफसरों से पूछा बड़ा सवाल

Thu, 07 Sep 2023 01:29 AM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : टिकैत ने कहा कि अगर 2024 में भाजपा की सरकार आई तो किसान जिंदा नहीं बचेगा। उन्होंने चीनी मिल के अफसरों से पूछा कि शामली चीनी मिल अफसर बताए कि कितना गन्ना भुगतान देने को तैयार है।
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चौधरी नरेश टिकैत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली में गन्ना सहकारी समिति परिसर में आयोजित किसानों की महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की परीक्षा न ले। यदि चीनी मिल को मालिक नहीं चला सकते तो किसान चीनी मिल चलाने को तैयार रहे। इस दौरान शामली चीनी मिल मालिक राहुल लाल, मिल अध्याशी, यूनिट हेड, गन्ना महाप्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठी। डीसीओ को सचिव के माध्यम से मिल मालिकों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। महापंचायत में किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान होने तक और खरीद केंद्र बदले जाने तक बेमियादी धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया।

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बुधवार को गन्ना सहकारी समिति परिसर में चल रहे किसानों के बेमियादी धरने के 17 वें दिन महापंचायत हुई। किसान महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों की केंद्र और प्रदेश सरकार सुनने को तैयार नहीं है। कहा कि खुब्बापुर-चरथावल में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सरकार मुआवजा देने को तैयार नहीं है। किसानों को हर प्रकार से परेशान किया जा रहा है। किसानों को जिंदा रहने के लिए संघर्ष करना होगा।

टिकैत ने कहा कि किसानों की कीमती जमीनों पर सरकार की निगाहें लगी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे निर्माण के नाम पर किसानों की भूमि को सरकार जबरदस्ती ले रही है। किसानों को एक समान मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। एक्सप्रेसवे को लेकर लांक और पिन्ना में किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पिन्ना में किसानों का 74 वें दिन बेमियादी धरना जारी है। उन्होंने शारदा यमुना लिंक नहर का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की भूमि अधिग्रहण के बहाने किसानों को भिखारी बनाने की तैयारी है। आगरा में साढ़े पांच हजार बीघा भूमि को आगरा विकास प्राधिकरण ने अधिग्रहण कर लिया गया। फर्द निकलवाने पर किसानों को भूमि अधिग्रहण की जानकारी हुई।

यदि 2024 में भाजपा की सरकार आई तो किसान जिंदा नहीं बचेगा। चौधरी टिकैत ने चीनी मिल के अफसरों से पूछा कि शामली चीनी मिल अफसर बताए कि कितना गन्ना भुगतान देने को तैयार है। चीनी बेचकर वह कितना भुगतान कर सकते हैं। किसानों से बैठक कर सुलह करे। इस मौके पर पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने महापंचायत में डीसीओ विजय बहादुर सिंह से पूछा कि क्या शामली चीनी मिल के मालिक से लेकर गन्ना महाप्रबंधक तक पहले एफआरआर दर्ज कराई तो डीसीओ ने जवाब दिया कि वर्ष 2021 में शामली चीनी मिल के मालिक समेत अधिकारियों के खिलाफ एफआई आर दर्ज कराई थी। महापंचायत मे शामली चीनी मिल के यूनिट हैड सुशील चौधरी ने बताया कि पिछले कई सालों से मिल घाटे में चल रही है।

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पिछले साल 22 दिन मिल बंद रही है। इस बार वह मिल की बायलर और टरबाइन की मरम्मत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चीनी बेचकर जनवरी तक भुगतान करेंगे। महापंचायत में सदर विधायक प्रसन्न चौधरी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रालोद अध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन, जिलाध्यक्ष वाजिद अली आदि ने विचार रखे। धरना संयोजक संजीव लिलौन, बाबूराम पंवार, शोकेंद्र चौधरी, विनय कुमार, बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह, जसवीर सिंह, रविंद्र सिंह लांक, राजेंद्र टिटौली, श्योरान, सतवीर भभीसा, यशपाल सिंह शेखपुरा, मैनपाल चौहान, देवराज पहलवान, जिपं सदस्य उमेश पंवार, सतवीर मूंछ, रामपाल लिलौन आदि रहे। संचालन राजबहादुर लिलौन ने किया।

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