ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंतीखेड़ा और करौदा हाथी गांव के लोग बेवजह अपने गांव का नाम लिखवाने की मांग कर रहे हैं। पंचायत में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण न्यायालय का रुख करेंगे और आंदोलन भी करेंगे। पंचायत में ग्राम प्रधान अनुज कुमार, सुनील कुमार, बबलू खान, आशीष, दानिश खान, प्रिंस चौधरी, अफजल खान और खालिद समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
पहले से चल रहा है विवाद
दरअसल, पिछले करीब 17 दिनों से दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाबरी क्षेत्र के टोल प्लाजा पर नाम को लेकर बंतीखेड़ा और करौदा हाथी गांव के ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा है। इस दौरान कई बार हंगामा और पंचायतें भी हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने दोनों गांवों के नाम का बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बंतीखेड़ा गांव के लोग पहले अपने गांव का नाम लिखे जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। अब इस विवाद में बुटराड़ा गांव के ग्रामीणों ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि मामले को लेकर ग्रामीणों से वार्ता की जाएगी और जल्द ही समाधान कराया जाएगा।