शामली। डॉक्टरों की कमी और पैरामेडिकल स्टाफ बहुत कम, अस्पतालों में सुविधाओं का टोटा। बावजूद इसके शामली जिला पूरे सूबे में तीसरे नंबर पर है। हाल ही में शासन द्वारा कराई रैंकिंग में यह बात सामने आई कि अप्रैल 2016 से अब तक शामली जिला टॉप टेन में रहा और ऑल ओवर रैंकिग में तीसरे नंबर पर है।
शामली जिले में डाक्टरों की कमी है, पैरामेडिकल स्टाफ भी नहीं है, लेकिन अस्पतालों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में शामली स्वास्थ्य विभाग अव्वल है। शासन द्वारा निर्धारित मानकों पर जिले का महकमा खरा उतरा है। 34 मानकों के अनुसार की गई मॉनिटरिंग में जिनमें ओपीडी, पैथोलॉजी, डिलीवरी, अस्पताल में आप्रेशन, टीकाकरण और पोलियो अभियान आदि स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामली जिला सूबे में पांचवें नंबर पर है।
सीएमओ डा. विनीता अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता में बताया कि शामली जिला मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर दिसंबर और जनवरी 2017 के महीनों से टॉप फाइव और टेन में रहा। जनवरी माह की रैकिंग में भी जिला पांचवें नंबर पर रहा है, 2016-17 की अब तक की ऑल ओवर रैकिंग में सूबे में अपना जिला तीसरे स्थान पर है। जिनमें नंबर एक पर फिरोजाबाद, दो पर ललितपुर, तीन पर शामली और चौथे पर सहारनपुर जिला है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष शामली जिले में 45 सिजेरियन प्रसव, इस बार 100 सिजेरियन प्रसव, पूूरे जिले में पिछली साल ओपीडी में 68,143 और इस बार 78,353 रही है।
टीकाकरण में मंडल नंबर वन
जिन जिलों में टीकाकरण कमजोर रहता है उन जिलों में मिशन इंद्रधनुष चलाया जाता है, जिसमें एक अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाता है। पूरे मंडल में इस बार शामली में ही मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जबकि मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कार्यक्रम चलाया गया।
पोलियो अभियान में 98.62 प्रतिशत कवरेज
जनवरी में पोलियो अभियान में बूथ पर 48.55 प्रतिशत बच्चों को कवर किया गया था। जबकि डोर-टू-डोर अभियान में 48.55 प्रतिशत बच्चों को कवर किया गया था। पूरे जिले में टोटल इस बार 98.86 प्रतिशत बच्चों को कवर किया गया है।
लू से बचने की अपील की
सीएमओ ने बताया कि लू से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी और ओआरएस का प्रयोग करें। हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें, सर को ढकें एवं कड़ी धूप से बचें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से उसको पोंछें या नहलाएं। निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस का प्रयोग करें।