साइबर के शातिर ठग ने विद्युत विभाग के पूर्व संविदा विद्युत कर्मचारी को झांसे में लेकर आठ लाख 57 हजार 458 रुपये ठग लिए। पहले पीड़ित के मोबाइल फोन पर एपीके फाइल भेजी और फिर कॉल कर बैंक कर्मचारी बताकर खाते संबंधी जानकारी लेकर ठगी की। पीड़ित की तरफ से कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कस्बा कैराना के मोहल्ला दरबार कला निवासी अजेश कुमार विद्युत विभाग में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। अजेश कुमार ने कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट कराई रिपोर्ट में बताया कि 14 अक्तूबर की शाम पांच से छह बजे बीच मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाले ने बताया कि वह पंजाब नेशनल बैंक से बात कर रहा है। आरोपी ने उसे झांसे में लेकर उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते संबंधित सभी जानकारी ले ली और उसके खाते से आठ लाख 57 हजार 458 रुपये निकाल लिए। इसकी जानकारी मिलते ही उसने उस व्यक्ति के मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क किया तो फोन स्विच ऑफ आया।
इसके बाद उसने तुरन्त ही धोखाधड़ी की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साइबर सेल का कहना है कि तीन लाख रुपये ठग के खाते से होल्ड करा दिए। बाकी रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
साइबर सेल ने बताया कि पीड़ित के व्हाटसएप पर अनजान नंबर से एपीके फाइल आई थी। पीड़ित ने एपीके फाइल पर क्लिक कर दिया था। इसके बाद अनजान नंबर से कॉल कर बैंक खाते संबंधी व अन्य जानकारी लेकर ठगी की गई।
निजी जानकारी साझा न करें, एपीके फाइल क्लिक न करें
साइबर एक्सपर्ट संजीव भटनागर का कहना है कि एपीके फाइल को कभी भी क्लिक न करें। साइबर ठग शादी के कार्ड भेजकर तो कभी अन्य माध्यम से एपीके फाइल भेजते हैं। अगर किसी परिचित के नंबर से एपीके फाइल आती है तो उसे खोलने से पहले फोन कर उसके बारे में जानकारी कर लें। एपीके फाइल खोलने से मोबाइल फोन हैक होने की संभावना रहती है।
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