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महिला व किशोर संबधी अपराधों में तीन मुजरिमों को सजा सुनाई

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कैराना। कैराना स्थित न्यायालयों में दो महिलाओं व एक किशोर के साथ हुए अपराध के मामलों में बृहस्पतिवार को अदालतों ने तीन मुजरिमों को सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (रेप एंड पॉक्सो) ने युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुराचार करने के मामले में मुजरिम को 8 साल की सजा व 5 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरे मामले में इसी कोर्ट ने महिला के साथ छेड़खानी व मारपीट के मामले में निचली अदालत ने मुजरिम को 2 साल के प्रोबेशन पर छोड़ने के आदेश को रद्द करके दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। जिसके बाद निचली अदालत ने मुजरिम को एक साल की सजा सुनाई। इसके अलावा अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायालय पॉक्सो) ने 13 वर्षीय बालक के साथ कुकर्म करने के मामले में मुजरिम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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केस-1
विशेष लोक अभियोजक ओम प्रकाश कौशिक ने बताया कि 30 मार्च 2013 की सुबह 10 बजे झिंझाना थाना क्षेत्र के एक गांव से मुजरिम देशराज निवासी बाढ़ी माजरा थाना गंगोह एक युवती को बहला-फुसला कर ले गया था। युवती के पिता ने झिंझाना थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। 8 दिन बाद पुलिस ने युवती को बरामद करने के बाद उसका मेडिकल कराया था। पुलिस ने युवती के बयानो के बाद मुकदमे में दुराचार की धारा का इजाफा किया था। पुलिस ने देशराज को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की और से मुकदमें में 7 गवाह पेश किए गए। साथ ही मुकदमे का वादी युवती का पिता कोर्ट में पक्षद्रोह हो गया था। बृहस्पतिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो) रेशमा चौधरी ने मुजरिम देशराज को 8 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-2
विशेष लोक अभियोजक ओम प्रकाश कोशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 जुलाई 2008 को कैराना क्षेत्र के एक गांव में खेत पर गई महिला को मुजरिम ने बदनियत से पकड़ लिया और अश्लील हरकतें की। महिला के पति ने कैराना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त मुकदमे में 4 जून 2013 को निचली अदालत ने मुजरिम को 2 साल के प्रोबेशन पर छोड़ दिया था। जिसके बाद यूपी सरकार ने अपर जिला सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो) में अपील की गई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो) रेशमा चौधरी ने महिला के प्रति अपराध की गंभीरता और महिला को चोटों को देखते हुए निचली अदालत के आदेश को खारिज कर निचली अदालत को आदेश दिया कि सजा के प्रश्न पर दोबारा आदेश पारित करें। जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने मुजरिम ईशम निवासी गांव तीतरवाड़ा को एक साल की सजा सुनाई।
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केस-3
विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 नवंबर 2017 की सुबह 9 बजे थानाभवन क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय बालक नाई की दुकान पर बाल कटवाने गया था। इसी दौरान मुजरिम गौरव निवासी हसनपुर लुहारी थाना थाना भवन बालक को बहलाफुसला कर पास ही ईख के खेत में ले गया और अप्राकृतिक कुकर्म किया। बालक ने अपने घर आकर डर के कारण कुछ नहीं बताया। 4 दिन बाद बालक की हालत खराब होने पर परिजन बालक को मुजफ्फरनगर अस्पताल ले गए। जहां से उसे देहरादून एम्स में रेफर कर दिया। रास्ते में बालक ने सारी बात बताई। जिसके बाद 23 नवंबर को बालक के पिता ने थानाभवन थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से 7 गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम गौरव को आजीवन कारावास और 40 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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