शामली। मेरठ-करनाल फोरलेन निर्माण को लेकर के पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलकट्रेट पहुंचकर डीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली-कैराना-झिंझाना बस अड्डों को शहर से बाहर भेजने की मांग उठाई।
शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट में डीएम ओपी वर्मा से मिला और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराते हुए बताया कि शामली शहर से बीचों बीच बुढ़ाना रोड़ से निकलने वाले प्रस्तावित मेरठ करनाल फोरलेन के दायरे में आने के कारण शहर के विजय चौक से लेकर रेलवे क्रासिंग तक सात फुट से लेकर नौ फुट तक दुकानें और मकान तोड़े जाएंग, जिससे व्यापारियों को नुकसान होगा।
व्यापारियों ने अवगत कराया कि मेरठ- करनाल फोर लेन के लिए पहले शामली बाईपास की व्यवस्था की गई थी। लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेंसी का कार्य सौंपने के बाद फोरलेन में शामली बाइपास की व्यवस्था समाप्त कर दी है ।
व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन में नगर के अजंता- विजय चौराहे से लेकर रेलवे क्रासिंग तक जाम की स्थिति समाप्त करने के लिए रोडवेज बस अड्डा- कैराना- झिंझाना बस अड्डे को शहर से बाहर भेजने और शामली बाइपास का निर्माण होने तक 60 फुट के चौड़ीकरण को रोकने की मांग की है।
डीएम को ज्ञापन देने वालो में सुभाष चंद, कपिल कुमार, उमेश कुमार, इकबाल सिंह, दीपक कुमार गर्ग, वसीम अहमद, चतरसैन आदि मौजूद रहे।