शामली। मौसमी सब्जियों के दाम में इजाफा होने से महिलाएं परेशान है। ऐसे में सब्जी खरीदने के लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ रही हैं। इस कारण महिलाएं रसोई का बजट बिगड़ने से परेशान नजर आ रही हैं।
त्योहार हो या सहालग, इनका असर सब्जियों के दाम पर भी पड़ता है। ऐसे में दाम आसमान छूने लगते हैं। मौसमी सब्जियों में करेला, तौरी व भिंडी 100 रुपये किलो तक बिक रही है। वहीं मटर के दाम भी 40 से 50 रुपये किलो है। लौकी और खीरा भी 30 से 40 रुपये किलो में बिक रहा है। सब्जी विक्रेता भूरा का कहना है कि सहालग के चलते मंडी में ही सब्जियों की थोक बिक्री हो जाती है। इस कारण सब्जी कम मिल पाती है। वहीं सब्जी विक्रेता राहुल का कहना है कि अभी मौसमी सब्जी आनी शुरू हुई है, हाल में तौरी, करेला और तौरी गुजरात से आ रही है, कुछ दिनों में ये स्थानीय स्तर से आनी शुरू हो जाएगी।
इसके बाद यह सस्ती हो जाएगी। सब्जी खरीदने पहुंची महिला सीमा व सोनी ने बताया कि कभी गैस के दाम बढ़ जाते है, तो कभी सब्जी के दाम, जिस कारण रसोई का बजट बिगड़ जाता है। जो सब्जी खाने के लायक है, उनके दाम आसमान छू रहे है। जब शादी का सीजन शुरू होता है, दामों में उछाल आ जाता है। जब दाम कम होते है तो दोनों समय सब्जी बनाते हैं, लेकिन महंगी होने ही एक ही समय में बनाकर दोनो समय काम चलाना पड़ता है।