शामली। नौ माह 22 दिन पहले मंगलवार से शुरू हुए कोरोना के खौफ से शनिवार को लगने वाला वैक्सीन का टीका निजात दिलाने वाला है। लॉकडाउन और उसके बाद भी तमाम बंदिशों की दुश्वारियों झेल चुके लोगों के लिए यह शुभ शुरुआत होगी। सहारनपुर मंडल का पहला कोरोना केस 24 मार्च को शामली में मिला था। इसलिए यहां लॉकडाउन की परेशानियां एक दिन पहले से ही शुरू हो गईं थीं और आगे तीन महीने तक तो पूरी तरह पाबंदियां रहीं।
शनिवार को देश के साथ जनपद में भी कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हो रहा है। इसकी खुशी उन परेशानियों पर भारी है, जो लोगों ने बीते नौ महीने 22 दिन में झेली हैं। 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहयोग किया था, लेकिन दो दिन बाद ही जब शामली में कोरोना का केस मिला तो हर तरफ खौफ फैल गया। प्रधानमंत्री ने 24 मार्च की शाम को लॉकडाउन की घोषणा की थी, लेकिन जिले में दिन में ही पहले कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हो गई थी।
कैराना क्षेत्र का रहने वाला यह व्यक्ति दुबई से लौटा था। केस का पता लगते ही पुलिस ने दिन में ही पूरा बाजार बंद करा दिया था। तीन महीने तक तो पूरी तरह बंदी लागू रही। इसके बाद अनलॉक शुरू हुआ तो धीरे-धीरे जीवन पटरी पर लौटना शुरू हुआ। नवंबर माह में त्योहारी सीजन से पहले ही बाजार खुलने की पूरी तरह छूट मिल पाई। अब भी लोग कोरोना के खौफ से सहमे रहते हैं और सामाजिक दूरी, मास्क एवं कार्यक्रमों में सीमित संख्या में भागीदारी की बंदिशें झेल रहे हैं।
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बढ़ीं चिकित्सा सुविधाएं
शामली। कोरोना काल में जिले में चिकित्सा सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। जनपद में कोविड एल-1 श्रेणी का 100 बेड का अस्पताल शुरू हुआ। इसके साथ ही एल-टू श्रेणी के अस्पताल की भी शुरुआत हुई। इसमें 14 वेंटिलेटर की सुविधा है।
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जिले में कोरोना एक नजर में...
- पहला मरीज 24 मार्च को कैराना में मिला, जो दुबई से आया था।
- सितंबर माह के पहले 20 दिन में कोरोना अपने चरम पर रहा।
- जिले में एक दिन में अधिकतम 88 मरीज सितंबर माह में सामने आए।
- 20 सितंबर के बाद कोरोना के कम होने लगे मरीज।
- नवंबर में त्योहारों के बाद फिर बढ़ने लगे मरीज।
- दिसंबर माह में एक से पांच पर आ गई रोजाना मिलने वाले संक्रमितों की संख्या।
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जिले में अब तक मिले कुल कोरोना मरीज : 3611
जिले में कोरोना से हुई मौतें : 29