शामली। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कई दिनों से धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे मजबूर होकर हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के बाद शहर में नरकीय हाल बन गए। उठान नहीं होने से चारों और कूढ़े के ढेर लग गए। भीषण गर्मी में कूढ़े से उठती दुर्गंध ने सभी का जीना तक मुहाल कर दिया।
हड़ताल में अमित कुमार तेश्वर, विनोद निर्वाल, अश्वनी तेश्वर, राजन पाहीवाल, धर्मेंद्र झंझोट, जितेंद्र टांक, दीपक बिडला, सचिन तेश्वर, जितेंद्र चंद्रा, संदीप सौदाई, मनीष गहलोत सहित बिजली विभाग, जलकल विभाग, डोर-टू-डोर और अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल रहे।
ये है प्रमुख मांगे
शहर क्षेत्र की सीमा बढ़ने के अनुपात में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 100 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों को शासनादेश के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन, संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ और न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन दिए जाने, दो सुपरवाइजरों को दोबारा कार्यवाहक सफाई नायक के पद पर नियुक्त करने तथा सेवानिवृत्त और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग शामिल है।
शामली नगर पालिका में धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी । संवाद