थानाभवन । शुक्रदेव पीठ शुक्रताल के संरक्षक स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भक्तिमय कर्म से ही जीवन में मोक्ष की प्राप्त किया जा सकता है। बिना भक्ति के मन अशांत रहता है। भक्ति से मन निर्मल होता है तथा श्रेष्ठ चिंतन की उत्पत्ति होती है।
शनिवार को जहारवीर गोगा जी म्हाड़ी पर आयोजित प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह में स्वामी ओमानंद महाराज पहुंचे। कहा कि मनुष्य को तन, मन, धन का सदुपयोग करना चाहिए। जीवन को सार्थक बनाने के लिए जीवन में भक्ति और कर्म दोनों महत्वपूर्ण है। दोनों का समावेश और उस पर आचरण मोक्ष की ओर ले जाता है। भक्ति और कर्म से मन को शांति मिलती है, जिससे उच्च विचार सुखमय व चिंतन रहित जीवन का आनंद प्राप्त होता है।
इससे पूर्व म्हाड़ी से गुरु गोरखनाथ, गुरु मछेंद्र नाथ, महामायी काली माता की प्रतिमाओं की बैड़बाजों के साथ नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। स्वामी रामनरेश दास महाराज, विधायक सुरेश राणा, गोरक्षा प्रांत प्रमुख नरेंद्र सैनी, उमेश सैनी, भ्रमपाल गर्ग, अरविंद शर्मा, गौरव भारद्वाज, हिम्मत सिंह सैनी, श्रवण सैनी आदि मौजूद रहे।