जलालाबाद । कस्बे के सनातन सत्संग के प्रांगण में चल रही कार्तिक मास परायण कथा में कथा व्यास अवनीश भगत ने सत्संग की महिमा का महत्व बताया। कहा कि सत्संग इतना पवित्र होता है, जो मानव के पापों से मुक्ति देकर मोक्ष की प्राप्ति कराता है ।
सनातन सत्संग भवन के प्रांगण में प्रात: कार्तिक मास महत्तम कथा में बताया कि मन इच्छित शुभकामनाओं को देने वाला है। जैसे गंगा पापों को नष्ट करती हैं, चंद्रमा ताप को, कल्पवृक्ष दीनता को नष्ट करता है। ठीक उसी प्रकार से साधु संत समागम सत्संग पाप, ताप, दीनता को नष्ट करता है। जो स्त्री-पुरुष कार्तिक मास में प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके मन और तन को पवित्र करके तुलसी, विष्णु भगवान की दीपदान के द्वारा आरती पूजा करता है। वह संसार में समस्त विद्याओं तथा धर्म परायण होकर मुक्तिधाम को जाता है। उसकी वंश बेल बढ़ती है। कथा में राजकुमार रुहेला, हरीश शर्मा, पंडित राधेश्याम शर्मा, इंदू आहूजा, नमिता उपाध्याय, योगेश देवी, कौशल्या देवी, नीलम रानी, शकुंतला देवी, सुमित्रा रानी आदि रहे।