शहर के कई मोहल्लों की संकरी गलियों में छोटे कारोबार के लिए भट्ठियां चल रही हैं। मगर यहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। गर्मी का मौसम चल रहा है, ऐसे में आग लगने का ज्यादा खतरा बना रहता है। अगर इन स्थानों पर आग लग जाए, तो तंग गलियों में फायरब्रिगेड की गाड़ी पहुंचना बहुत मुश्किल है।
सोमवार को मेरठ में एक स्पोर्ट्स फैक्टरी में आग लगने पर दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसकी वजह गली संकरी होना रहा है। मेरठ की तरह ही शामली में भी ऐसे कई मोहल्लों में संकरी गलियां है, जहां पर बेकरी, टॉफी, धूपबत्ती, हलवाई आदि की भट्ठियां चलती है। गर्मी के मौसम में इन स्थानों पर आग लगने का खतरा बना रहता है, लेकिन आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। खास बात ये है कि दमकल विभाग के पास घरों में चलने वाली भट्ठियों और हलवाई की दुकानों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। अमर उजाला टीम ने शहर के ऐसे कई स्थानों पर पड़ताल की, जहां पर संकरी गली होने के कारण दमकल की गाड़ी नहीं जा सकेगी।
कबाड़ी बाजार अजुध्या चौक
शहर के फव्वारा चौक से लेकर अजुध्या चौक के बीच का कबाड़ी बाजार संकरा है। बाजार में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। हालत ये रहती है कि इसमें पैदल निकलना भी मुश्किल रहता है। अजुध्या चौक पर खाना बनाने और हलवाई की दुकानें है। दिनभर यहां पर भट्ठी सुलगती रहती है, लेकिन इन दुकानों पर आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। अगर यहां आग लगने की घटना हो जाए तो इस बाजार में दमकल की बड़ी गाड़ी समय से नहीं पहुंच सकती।
बड़ा बाजार हलवाई हट्टा
शहर के बड़ा बाजार से जुड़े संकरे रास्ते को हलवाई हट्टा के नाम से जाना जाता है। हलवाई हट्टा का रास्ता इतना तंग है कि दुपहिया वाहन भी मुश्किल से निकलते हैं। इस गली में हलवाई की कई दुकानें हैं, जहां पर भट्ठियां चलती रहती हैं। यहां भी दमकल की गाड़ी नहीं पहुंच पाएगी। इसी तरह गांधी चौक और नया बाजार में भी हलवाई की कई दुकानों पर भट्ठियां चलती रहती हैं।
गौशाला रोड भारत नगर
शहर के मोहल्ला भारत नगर में संकरी गलियां हैं। मोहल्लेवासियों के मुताबिक यहां पर धूपबत्ती बनाने की फैक्टरी हैं। यहां गली तंग होने के कारण दमकल की गाड़ी आसानी से नहीं पहुंच पाएगी। कलंदरशाह, चांद मस्जिद, बड़ी आल, दयानंदनगर, पंसारियान, काजीवाड़ा और राजोवाला समेत कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर तंग गलियों और घरों में बेकरी, टॉफी आदि बनाने की भट्ठियां चल रही हैं, अगर किसी वजह से वहां आग लगने की घटना हो जाए तो उसे बुझाने के लिए दमकल की गाड़ी जल्दी से मौके पर नहीं पहुंच पाएगी।
बड़ी आल की तंग गली में नहीं पहुंच सकी थी दमकल की गाड़ी
शामली। पिछले महीने गौशाला रोड बड़ी आल में एक मकान में आग लग गई थी। मकान का एक तरफ का दरवाजा गौशाला रोड पर तो दूसरा दरवाजा पीछे गली में पीछे की तरफ था। दमकल की गाड़ी गौशाला रोड तक तो पहुंच गई थी, लेकिन गली में गाड़ी न पहुंचने के कारण मकान में पीछे की तरफ लगी आग को बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी और कई घंटे में आग पर काबू पाया जा सका था।
शहर के दयानंद नगर, पंसारियान, काजीवाड़ा, राजोवाला समेत कई मोहल्ले ऐसे है जहां पर इतनी संकरी गलियां है, जहां पर बड़ी गाड़ी तो क्या छोटी गाड़ी भी नहीं पहुंच पाएगी। ऐसे स्थानों पर अगर आग लगने की घटना हो जाती है तो दमकल की गाड़ी को दूर खड़ा कर पानी के पाइपों को जोड़कर आग बुझाई जाती है। मौके पर गाड़ी न पहुंचने पर आग बुझाने में बहुत परेशानी होती है। ऐसे स्थानों पर लोगों को आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम रखने चाहिए। - परमाल सिंह, प्रभारी फायर स्टेशन शामली।