शामली। गन्ना मूल्य भुगतान में पिछड़ने पर जिलाधिकारी आलोक यादव ने थानाभवन चीनी मिल के प्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने पेराई सत्र 2025-26 का अवशेष गन्ना मूल्य तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि भुगतान नहीं करने पर मिल के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम ने जिले की तीनों चीनी मिलों शामली, ऊन और थानाभवन के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। थानाभवन चीनी मिल पर कुल 301.60 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य के सापेक्ष 230.33 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। इस तरह मिल पर अभी 71.27 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं, शामली चीनी मिल ने 323.19 करोड़ और ऊन चीनी मिल ने 267.03 करोड़ रुपये का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है।
तीनों मिलों में मरम्मत का काम जारी
बैठक में बताया कि शामली चीनी मिल में 85 प्रतिशत, ऊन में 78 प्रतिशत और थानाभवन में 76.25 प्रतिशत मरम्मत और रखरखाव का काम पूरा हो चुका है। डीएम ने तीनों मिलों को समय से संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा, खांडसारी अधिकारी, शामली चीनी मिल के वाइस प्रेसिडेंट संजय शर्मा, ऊन मिल के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कुलदीप पिलानिया और थानाभवन मिल के यूनिट हेड जीवी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।