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रिम-धुरा उद्योग को मिल रही विदेशों तक पहचान

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शामली की एक फैक्ट्री में रिम धुरा बनाते कर्मचारी। फाइल फोटो - फोटो : SHAMLI
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शामली। जिले के रिम-धुरा उद्योग को दुनिया भर में पहचान मिल रही है। लखनऊ में चल रहे वर्चुअल फेयर में शामली के छह उद्यमी प्रतिभाग कर रहे हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत रिम-धुरा उद्योग को चुना गया है। इसलिए इस उद्योग से जुड़े उद्यमियों को ही वर्चुअल मेले से जोड़ा गया है।
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फिक्की की ओर से लखनऊ में एक जिला एक उत्पाद के तहत शुरू हुए वर्चुअल मेले में एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित उत्पादों को शामिल किया गया है। इन उत्पादों को वैश्विक मंच मिल रहा है। शामली जनपद का रिम-धुरा उद्योग भी इसमें शामिल हैं।
इसलिए जिले से जय कृषि उद्योग, पीके जैन व्हील इंडस्ट्री, महावीर उद्योग, आदिनाथ इंडस्ट्रीज, वेदप्रकाश उद्योग एवं राज रिम धुरा उद्योग को अपने स्टॉल लगाने का मौका मिला है। वर्चुअल मेले में उद्यमियों के स्टॉल के माध्यम से खरीदार उद्यमियों से जुड़ सकते हैं। इसमें न केवल भारत बल्कि अन्य देशों के खरीदार भी भाग ले रहे हैं। इसलिए शामली के रिम-धुरा उद्योग से दूसरे देशों के लोगों को भी जुड़ने का मौका मिल रहा है।
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जिले में रिम-धुरा उद्योग की 31 इकाइयां संचालित
जिले में रिम-धुरा उद्योग की लगभग 31 इकाइयां संचालित हैं। रिम-धुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष परविंद जैन ने बताया कि ओडीओपी से जुड़कर नई इकाइयां लगाने वालों को तो फायदा है, लेकिन जो पुरानी इंडस्ट्री हैं उन्हें लाभ नहीं है। नई इकाई लगाने पर 25 लाख तक के ऋण पर 25 प्रतिशत, 50 लाख पर 20 प्रतिशत तथा एक करोड़ पर 15 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। रिम-धुरा उद्योग के ओडीओपी में शामिल होने के बावजूद जनपद में एक-दो ही नई इंडस्ट्री लगी है।
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कोट...
फिक्की की ओर से लखनऊ में वर्चुअल मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामली के छह उद्यमी शामिल हैं। कोई भी खरीदार अपना रजिस्ट्रेशन कर मेले में शामिल हो सकता है तथा उद्यमी से संपर्क कर प्रोडक्ट भी खरीद सकता है। - परमहंस मौर्य, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, मुुजफ्फरनगर।
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