शामली। पशुओं के अवैध कटान पर प्रतिबंध लगते ही पशु पैंठ का कारोबार भी धड़ाम हो गया। शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने पशु तस्करी रोकने और अवैध पशु कटान के संबंध में नियमों का कड़ाई से पालन शुरू कराया, तो पशु पैठ में महज 10 प्रतिशत ही पशु पहुंच पा रहे हैं।
जिले में तीन स्थानों पर पशु पैंठ लगती है। जिला पंचायत की तरफ से इनका ठेका छोड़ा जाता है। हर पशु पंैठ लगने का सप्ताह में अलग दिन निर्धारित है। मंगलवार को कैराना रोड पर खेड़ीकरमू में पशु पैंठ लगी, तो वहां का नजारा ही कुछ अलग था। शासन की सख्ती के पूर्व तक यहां पर सुबह से लेकर शाम तक पशुओं की खरीद फरोख्त करने वालों की भीड़ रहती थी।
500 से 700 तक पशुओं की खरीद फरोख्त होती थी। सैकड़ों वाहनों में लादकर पशु लाए और ले जाए जाते थे, लेकिन मंगलवार को दिन भर में सिर्फ 70 पशु ही पैंठ में पहुंचे।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुभाष मिश्रा ने बताया कि 70 पशुओं में से सिर्फ 50 पशुओं की बिक्री हुई। पशु पैंठ पर रजिस्टर रखवा दिया है, जिसमें पशुओं की खरीद फरोख्त का पूरा हिसाब रखा जा रहा है। उधर, पशु चिकित्सा विभाग से एक डॉक्टर भी मंगलवार को पशु पैंठ पर पहुंचा और पशुओं के संबंध में जांच करने के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी।