शामली। शामली चीनी मिल में किसानों के धरने पर रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पहुंचने की सूचना पर किसान बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। किसान छतों से लेकर लोहे के खंभों पर और गन्ने से लदी बुग्गी-ट्रालियों पर चढ़कर जयंत चौधरी को सुन रहे थे। मिल परिसर में हर तरफ किसानों की भीड़ नजर आई। जयंत चौधरी को देखने के लिए लोगों में इस कदर जोश था कि कुछ लोगों के बीच धक्कामुक्की तक हुई। किसानों की भीड़ को लेकर पुलिस-प्रशासन की सांसे अटकी रही थी। प्रशासन किसानों की भीड़ पर नजर रखे हुए थी और लखनऊ से भी इसकी जानकारी ली जाती रही।
किसान के शांतिपूर्ण धरने की सराहना की
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि यहां आने से पहले उनके मन में तरह तरह की चिंताएं थी, सोच रहे थे कि कैसा माहौल होगा, लेकिन यहां पर किसान शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठा है। मगर, शासन-प्रशासन के अधिकारियों को सोचना समझना चाहिए। गन्ना भुगतान की जायज मांग का हल निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि किसान जब अपनी पे आएगा तो वह जवाब देना भी जानता है, इसे छेड़ना नहीं चाहिए। अधिकारी इनके धैर्य की परीक्षा न ले।
पूंजीपतियों की फिक्र ज्यादा किसानों की कम
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने किसी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि ये मंत्री क्या हैं। मंत्री कोई परमानेंट नहीं होते। आज है कल नहीं। जनपद में इनके विभाग में कोई काम नहीं हुआ। उन्हें तो खुद ही मुख्यमंत्री के पास जाकर इस्तीफा दे देना चाहिए और कह देना चाहिए की उन्हें उद्योग मंत्री बना दें, क्योंकि इन्हें पूंजीपतियों की फिक्र ज्यादा है, किसानों की कम। जयंत ने ना किसी मंत्री का नाम लिया और ना ही किसी विभाग का। शायद वे भी सीधे सीधे कहने से कतराते रहे।