फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण हमारा हक, अलगावाद वाला कानून मंजूर नहीं

विज्ञापन
शामली कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे भीम आर्मी के सदस्य - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
आरक्षण हमारा हक, अलगावाद वाला कानून मंजूर नहीं
विज्ञापन

शामली/कांधला। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भीम आर्मी के भारत बंद का जिले में कोई असर नहीं रहा। हालांकि आर्मी कार्यकर्ताओं ने कहीं पर इसके प्रयास भी नहीं किए, लेकिन पुलिस अलर्ट रही। आर्मी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें सीएए वापस लेने, एनआरसी और एनपीआर को लागू न करने की मांग उठाई।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने रविवार को भारत बंद का आह्वान किया था, लिहाजा पुलिस ने भी जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। खुफिया तंत्र भी भी आर्मी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। शामली, कैराना और थानाभवन क्षेत्र में ज्यादा चौकसी थी, हालांकि शहर में रविवार को साप्ताहिक बंदी के दिन पहले से ही बाजार बंद थे, लेकिन कैराना, कांधला, झिंझाना, थानाभवन, जलालाबाद आदि स्थानों पर भी बाजार सामान्य दिनों की तरह ही खुले। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने भी कहीं बाजार को बंद कराने की कोशिश नहीं की। दोपहर में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देने पहुंचे। एसडीएम सदर संदीप कुमार ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। इसमें भीम आर्मी ने बताया कि भेदभाव, कुरीतियों के कारण लोग सामाजिक रूप से बहुत पिछड़े हुए हैं, इसलिए आरक्षण बिल्कुल खत्म नहीं करना चाहिए। आरक्षण कोई भीख नहीं है, बल्कि हमारा मौलिक अधिकार है, इसलिए जिससे सरकार को कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। मौलिक अधिकारों के साथ छेड़छाड़ से साफ है कि वर्तमान सरकार के द्वारा संविधान के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जो घोर निंदनीय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया कि सीएए लागू करने के बाद एनआरसी को लागू कर देश के मुस्लिम समुदाय को नागरिकता जाने के खतरे ने भयभीत किया जा रहा है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन भी इसका विरोध करता है। कहा कि सरकार को अपने देेशवासियों की फिक्र होनी चाहिए न कि पाकिस्तानियों की। यहां धार्मिक भेदभाव करने वाले असांविधानिक कानून नहीं चलेंगे, जो भी कानून एक समुदाय विशेष को देश से अलग करता है उसे भारत सरकार को तत्काल रद्द करना होगा। ज्ञापन देने वालों में अनुज भारती, नासिर चौधरी, मिथुन कुमार, डॉक्टर राजकुमार, विपिन बोकाडिया, भूपेंद्र प्रताप सिंह, पंकज खोबियान, जय कुमार, योगेंद्र कुमार, शमीम अहमद, शौकिंद्र कश्यप, फिरोज, शहजाद मलिक, राजेश कुमार, चंद्रपाल, मेमपाल, गोविंदा मेनवाल, नीटू, मेहरबान, शिवराज, मीनाक्षी, राजीव, शोकिंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, कांधला में रविवार को भीम आर्मी के द्वारा किए गए भारत बंद के एलान का असर देखने को नहीं मिला है। थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह का कहना है कि कस्बे और देहात क्षेत्र में भीम आर्मी के बंद का कोई असर नहीं है। सामान्य दिन की तरह बाजार खुले हैं, एहतियातन कस्बे में पुलिस बल तैनात किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें