शामली में श्री हनुमान धाम के श्रीराम लीला रंगमंच पर भरत मिलाप और भगवान राम के राजतिलक की लीला का मंचन किया गया। रावण से युद्ध जीतकर लौटे श्रीराम का स्वागत किया गया। इसके बाद कलाकारों के सम्मान के साथ रामलीला का समापन हुआ।
बुधवार रात हुए कार्यक्रम में श्रीराम लीला के मंच निर्देशक डॉक्टर उपेंद्र द्विवेदी, उनके सहयोगी आदेश शर्मा, मुख्य निर्देशक दिनेश पाठक, श्रीराम लीला कोषाध्यक्ष जोगेंद्रपाल सेठी, हनुुमान सेवा दल के अध्यक्ष सुशील संगल, महामंत्री राजकुमार मित्तल, व्यवस्था बनाने में ब्रजमोहन बबली, राजेश गुप्ता, बिजेंद्र गुप्ता, रविसंगल को सम्मानित किया गया। श्रीराम लीला में अभिनय करने वाले कलाकारों को भी पुरस्कृत किया गया।
सुुुुरेशचंद शर्मा की स्मृति में उनके पुत्र सजीव कुमार शर्मा ने दिनेश पाठक, विजय पेटर, बोधराज अरोरा की स्मृति में उनके पुत्र अजय अरोरा ने अजय पाठक, तरुण खोटियान, पूनम वर्मा, राधेश्याम शास्त्री की स्मृति में उनके पुत्र मनोज मित्तल ने हनुुमान जी का अभिनय करने वाले राधेश्याम को सम्मानित किया गया।
सरोजदेवी की स्मृति में सीता का अभिनय करने वाले आशु निर्वाल को सम्मानित किया गया। मंच का संचालन अनुराग शर्मा, दिनेश पाठक ने किया।
जलालाबाद में गांधी चौंक मैदान मेें पंचायती श्री रामलीला-कृष्णलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का समापन बृहस्पतिवार को हो गया। समिति की ओर से भगवान श्रीराम के राज तिलक मंचन के बाद सभी कलाकारों को सराहनीय अभिनय के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समिति के प्रधान लालू भटनागर ने सभी कलाकारों एवं प्रतिदिन श्रीराम की लीला को देखने आने वाले श्रद्धालुओं एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन का आभार जताया। समापन समारोह के साथ ही भंडारे का भी आयोजन हुआ।
समारोह में श्रीराम की भूमिका में हिमांशु जुनेजा, लक्ष्मण की भूमिका में सुमित जुनेजा, हनुमान की भूमिका में देवराज जुनेजा, रावण की भूमिका में श्याम लाल कश्यप को सबसे अधिक सराहा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लालू भटनागर ने की। संचालन अवनीश आहूजा ने किया। इस अवसर पर बोबी शर्मा, राजकुमार रूहेला, मिटठन लाल भटनागर, कन्हैया, प्रदीप कुमार, भूपेश कुमार, अंशुल, आदि उपस्थित रहे।
कैराना।
कस्बे के गोशाला भवन में रामलीला मचंन में लंका से युद्ध जीतकर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान अयोध्या लौट आते हैं। श्रीराम के राजतिलक के साथ मंचन करने वाले कलाकारों को सम्मानित कर रामलीला का समापन किया गया।
रावण वध के बाद वनवास पूरा होने पर अयोध्या लौटे श्रीराम का राजतिलक गुरू वशिष्ठ द्वारा किया गया। इस मंचन के बाद नगर के ट्रांसपोर्टर मोहित अग्रवाल ने श्रीराम का किरदार निभा रहे सतीश प्रजापत, जानकी बने शिवम गोयल, लक्ष्मण बने रोहित बच्छस, हनुमान बने आशू गर्ग, रावण बने शगुन मित्तल, भरत बने राजकुमार गोयल, सूर्पनखा बने राकेश गर्ग, सुलोचना का किरदार निभाने वाले जयपाल सिंह सहित अन्य कलाकारों को उपहार देकर सम्मानित किया गया।