पिस्टल सामने रख व्यापारियों से मांगता था रंगदारी
शामली/कैराना। पश्चिमी उप्र, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में आतंक मचाने वाला मुकीम काला बेहद शातिर था। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुकीम पिस्टल सामने रख व्यापारियों से रंगदारी मांगता था। इसके अलावा वह मोबाइल से दूरी बनाकर रखता था और अपराध करने में बाइक का इस्तेमाल ही करता था। जिस कारण वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाता था। कई बार पुलिस से उसका आमना सामना हुआ, लेकिन वह बच निकला।
कैराना में व्यापारियों के पलायन की मुख्य वजह कुख्यात मुकीम काला की शुक्रवार को चित्रकूट की जेल में गैंगवार के चलते हत्या हो गई। मुकीम कैराना क्षेत्र के गांव जहानपुरा का निवासी था। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुकीम गिरोह मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करता था। उसे पता था कि पुलिस सर्विलांस से उसकी लोकेशन का पता कर उसे दबोच लेगी। इसलिए वह पुलिस से कई साल तक बचता रहा।
कुख्यात मुकीम काला गिरोह सीधे व्यापारी के प्रतिष्ठान या घर पर जाकर सामने पिस्टल रखकर रंगदारी वसूलता था और आनाकानी करने पर हत्या की धमकी देता था। कैराना में व्यापारियों से इसी अंदाज में रंगदारी मांगने के मामले सामने आए थे। इसके साथ ही मुकीम आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में अधिकतर बाइक का इस्तेमाल करता था, ताकि कहीं भीड़ में फंस न जाए। भागने के दौरान गलियों और कच्चे रास्तों का ही इस्तेमाल करते थे।
मुकीम गिरोह के बदमाश खादर क्षेत्र में केवल बाइक पर ही भरोसा करते थे। मुकीम गिरोह के पास पुलिस से लूटी गई कारबाइन और एके 47 के अलावा पिस्टल, रिवाल्वर आदि हथियार रहते थे। 2015 में एसटीएफ द्वारा मुकीम काला व साबिर जंधेड़ी की गिरफ्तारी के दौरान एके 47 तो बरामद हो गई थी, लेकिन कारबाइन का पता नहीं चल सका था।