शामली महायोजना 2031 का हुआ प्रकाशन
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शामली महायोजना का प्रकाशन कर दिया है। एक माह के भीतर शहर के नागरिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं। प्रकाशन के साथ ही महायोजना पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि महायोजना को मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किया गया है। नागरिकों ने महायोजना में खेल स्टेडियम, आधुनिक बस अड्डा और औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तैयार करने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से शामली महायोजना 2031 पर पिछले एक वर्ष से कार्य चल रहा है। प्राइवेट कंसलटेंट एजेंसी ने शामली महायोजना 2031 नगर पालिका परिषद सीमा से एक किमी लंबाई के क्षेत्र को शामिल करते हुए तैयार की है। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद के मुताबिक महायोजना 2031 में ट्रांसपोर्टर नगर, औद्योगिक क्षेत्र, व्यवसायिक क्षेत्र, आवासीय कॉलोनी को जगह दी गई है। महायोजना का प्रकाशन कर दिया गया है। सात फरवरी तक लोग इस पर आपत्तियां एवं सुझाव विकास प्राधिकरण कार्यालय में दे सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण और सुझाव शामिल करने के बाद शासन को महायोजना लागू करने के लिए भेजी जाएगी।
लोग बोले, मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा
शामली क्षेत्र के राजीव चौधरी का कहना है कि मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने महायोजना में मूलभूत सुविधाओं को ध्यान नहीं रखा है। बड़ा खेल स्टेडियम और आधुनिक बस अड्डा इसमें नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का ध्यान भी नहीं रखा गया। व्यवसायिक कार्यालयों पर ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रीन बेल्ट की कटौती की गई है। साइमा के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि महायोजना 2031 में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार करने, मजदूरों के लिए पेयजल योजना, दमकल केंद्र की स्थापना का सुझाव दिया गया था। उन्होंने प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद से बात की। कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का विस्तारीकरण, मजदूरों के लिए पेयजल योजना, दमकल केंद्र की स्थापना का सुझाव देकर महायोजना में शामिल कराएंगे।