शामली। हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर तीन घंटे तक धरना दिया। उन्होंने हिंदुओं पर बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने हिंदुओं को संगठित होने पर जोर दिया।
सनातन धर्म रक्षा मंच के बैनर तले हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर आक्रोश जताया और प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। धरने पर वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों से वे व्यथित है। वहां पर हिंदू समुदाय के साथ हिंसक घटनाएं उनके मौलिक अधिकारियों का हनन है।
मंदिरों पर हमले, घरों में तोड़फोड़ व लूटपाट, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव आदि घटनाओं से बांग्लादेश में संविधान का गला घोंटा जा रहा है और हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें अपने धर्म और संस्कृति का पालन करने की स्वतंत्रता मिले।
उन्होंंने हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोके जाने की मांग की। लगभग तीन घंटे बाद डीएम अरविंद कुमार चौहान व एसपी रामसेवक गौतम पहुंचे।
इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद धरना खत्म हुआ। धरना-प्रदर्शन में भाजपा, विहिप, बजरंग दल, तीर्थ सेवा सनातन मंडल, आर्य समाज कैराना, उप्र उद्योग व्यापार मंडल और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता शामिल रहे। पूर्व मंत्री सुरेश राणा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, हरवीर मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल, विनोद मलिक प्रमुख, सलिल द्विवेदी, जयदेव मलिक रामपाल पिंडोरा, पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल रहे।
वहीं, शहर कोतवाली पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। धरना खत्म होने के बाद भीड़ कलक्ट्रेट से बाहर निकली तो एक बार भीड़ हो गई, लेकिन पुलिस ने दूसरे मार्ग का यातायात रोककर उन्हें निकाला।
शामली कलक्ट्रेट में हिंदू संगठनों द्धावारा आयोजित धरना प्रदर्शन में मौजूद महिलाएं । संवाद