शामली। जिले में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। चार दिन से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। गर्मी के साथ लू में बचाव करना जरूरी है। इसमें अगर लापरवाही बरती गई तो डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इसलिए इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार डिहाइड्रेशन से बचने के लिए गर्मी से बचाव करना जरूरी है।
जिले का तापमान बढ़ने के साथ भीषण गर्मी के साथ ही लू चल रही है। गर्मी के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। नजला, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या अस्पताल में ज्यादा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार ने बताया गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानि डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इसलिए इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे जरूरी धूप से बचाव करना। ज्यादा देर तक धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी पड़ जाती है, जिससे उल्टी-दस्त होने की संभावना रहती है। इस स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी है और तुरंत चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए। खासतौर से बच्चों में यह समस्या ज्यादा होने की संभावना रहती है।
शरीर में जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए मौसमी फल तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, बेल के जूस का सेवन करना चाहिए। तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। अगर घर से बाहर निकले तो धूप से बचाव के लिए सिर पर कपड़ा, कैप या छाता लगाए। साथ में पानी की बोतल रखें और बिना प्यास के भी थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पीते रहे। अगर डिहाइड्रेशन के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में धूप से बचाव करना चाहिए।
लक्षण
- कमजोरी व चक्कर आना।
- आंख का धंस जाना।
- मुंह सूखना, बार-बार पानी मांगना।
- बेहोशी आ जाना।
- पेशाब कम व पीला आना।
- शरीर का तापमान कम होना।
सावधानी
-मौसमी फलों का सेवन ज्यादा करें।
- धूप में ज्यादा देर जाने से बचे।
- साफ ताजा पानी पीए।
- घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
- जंक फूड का सेवन करने से परहेज करें।
- नींबू पानी, शिकंजी, बेल का शरबत आदि का सेवन ज्यादा करें।
- हल्का सुपाच्य व ताजा भोजन करें।
- कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह ले।