शामली। दीपावली के बाद छाए स्मॉग का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। वायु प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन होने की समस्या सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। इसके साथ ही सांस लेने में भी लोगों को परेशानी होना बताया गया है। आंखों में जलन व पानी आने की समस्या को लेकर मरीज सरकारी और निजी चिकित्सकों के यहां पहुंचकर उपचार करा रहे है।
दीपावली पर पटाखों और पुराली जलने से दिल्ली एनसीआर में शामिल जनपद शामली भी स्मॉग की चपेट में है। आठ दिन से लगातार स्मॉग की चादर तन रही है। रविवार को दिनभर वायु प्रदूषण से लोगों को आंखों में परेशानी की समस्या से दो-चार होना पड़ा। सोमवार सुबह भी यही हाल बना रहा। आंखों में एलर्जी होने से लोग सुबह सरकारी और निजी चिकित्सकों के यहां उपचार कराने पहुंचे। दोपहर 12 साढ़े बजे सीएचसी शामली के नेत्र रोग विभाग में भीड़ लगी हुई थी। हालत ये थे कि मरीजों को अपने नंबर के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. आलोक अग्रवाल ने बताया कि स्मॉग के चलते आंखों के जलन और एलर्जी के भी केस सामने आ रहे है। इन सभी की जांच कर उपचार दिया जा रहा है।
दोपहर एक बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. सुनील माहेश्वरी के यहां पर मरीजों की भीड़ लगी थी। बताया कि स्मॉग की धुंध का असर पड़ा है, जिसमें आंखों में जलन होने की समस्या तो बनी है, लेकिन ज्यादा खतरनाक स्थिति में नहीं है। सोमवार को धूप खिलने और हवा चलने से स्मॉग का असर कम हुआ है।
दोपहर डेढ़ बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. अशोक सिंघल ने बताया कि स्मॉग के कारण आंखों में एलर्जी और जलन की समस्या बनी है। सोमवार को उनके यहां 5-6 मरीज आंखों में जलन की समस्या को लेकर पहुंचे है।
स्मॉग से इस तरह करें बचाव
घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं।
आंखों में जलन होने पर साफ पानी से धोएं।
आंख से पानी आने पर साफ कपड़े का इस्तेमाल करें।
मुंह और नाक में धूल या प्रदूषित कण को जाने से रोकने के लिए मास्क पहने।
साफ एवं ताजा पानी अधिक मात्रा में पीएं।
आंख या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें।