दिल्ली देहरादून इक्नोमिक कोरीडोर का भाजू में रूका पडा उपरी गामी पुल का कार्य
शामली। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली ने दिल्ली- देहरादून इकॉननामिक काॉरिडोर एक्सप्रेसवे के भाजू इंटरचेज का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया है। बागपत इकाई की ओर से डीएम शामली रविंद्र सिंह को भाजू इंटरचेंज प्रस्ताव नामंजूर के संबंध में पत्र भेजा गया है। इंटरचेंज की मांग को लेकर भाकियू ने भी भाजू में दो बार महापंचायत की थी।
भाजू गांव में इंटरचेंज का कार्य पिछले डेढ़ साल से रुका पड़ा है। दो बार भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत इंटरचेंज की मांग को लेकर पंचायत कर चुके हैं। डीएम शामली की संस्तुति पर बागपत परियोजना निदेशक ने भाजू में इंटरचेंज की संस्तुति करके भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली को दो साल पहले भेजी थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के इंजीनियर राजन पांडे ने बताया कि दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर के भाजू इंटरचेंज बनाए जाने की संस्तुति राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली मुख्यालय को की गई थी। किंतु एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय से भाजू इंटरचेज नामंजूर किए गया। पत्र बागपत इकाई को प्राप्त हो गया है। बागपत इकाई के परियोजना निदेशक की ओर से डीएम शामली को बुधवार को भाजू इंटरचेंज नामंजूर किए जाने का पत्र भेज दिया गया है। एडीएम संतोष कुमार सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली हाईवे पर पर इंटरचेंज स्वीकृत करती है। मुजफ्फरनगर जनपद और भाकियू संगठन की ओर से भाजू मे इंटरचेज की मांग की जा रही थी। जिसे स्वीकार नहीं किया गया है।
भाजू में इंटरचेंज जरुरी
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर की जद में भाजू इंटरचेज दो जनपद शामली और मुजफ्फरनगर जिले के आम नागरिकों के लिए जरूरी है। लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद भाजू इंटरचेंज के मामले में निर्णय लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली के चेयरमैन संतोष यादव और नई सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली से मुलाकात की जाएगी।
जिले मेंं दो हाईवे पर है इंटरचेंज की सुविधा
शामली जिले में पानीपत-खटीमा हाईवे में बुटराड़ा और मेरठ-करनाल में लाक और करौदा महाजन में इंटरचेंज की सुविधा है।