शामली। राष्ट्रीय पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधानों को उनके अधिकार दिलाए जाएं। प्रधानों से आह्वान किया कि निर्भीक होकर विकास का कार्य करें। यदि किसी प्रधान का उत्पीड़न किया जाता है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोमवार को राष्ट्रीय पंचायतीराज संगठन और लोकदल की ओर से माजरा रोड स्थित शिवशक्ति वाटिका में ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। उसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि 73वां और 74वां संविधान संशोधन 1993 में पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार सौंपने के लिए लागू किया गया था, परंतु इतने वर्ष बीतने के बावजूद सत्ता के विकेंद्रीकरण हेतु पंचायतों को वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार नहीं सौंपे गए।
इस अवधि में विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें रहीं, चेहरे बदलते रहे, परंतु विधायकों और नौकरशाह पंचायतों के अधिकारों पर अतिक्रमण करते हुए 29 विभागों के अधिकार पंचायतों को नहीं सौंपे। इस कारण राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज का सपना अधूरा रह गया।
केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था देश को सुदृढ़ बनाने हेतु संविधान संशोधन के माध्यम से राज्यों में स्वयं लागू कराई जाए। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सदाराम त्रिवेदी ने समस्त ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
अध्यक्षता धनराज सिंह और संचालन राजवीर सिंह ने किया। पूर्व विधायक चौधरी बाबू सिंह, देवेंद्र, उपेंद्र, धर्मेंद्र प्रधान, सरवीर सिंह प्रधान, श्यामपाल सिंह, अरविंद प्रधान, मोहम्मद इलियास बीडीसी, कुंवर सिंह, नरेंद्र, हरवीर आदि मौजूद रहे।