शामली। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 104 किलोमीटर लंबी इस नई रेलवे लाइन के अंतिम सर्वे के लिए उत्तर रेलवे जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
अंतिम सर्वे और ड्रोन सर्वे के बाद परियोजना की नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद रेलवे बोर्ड, नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और राज्य सरकार की मंजूरी मिलने पर मामला केंद्र सरकार की कैबिनेट में जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद ही किसानों की भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह रेलवे लाइन हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना के तहत मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और पानीपत जिलों की करीब 473 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस नई लाइन पर मेरठ के दौराला, शामली जिले के एलम और पानीपत के दिवाना रेलवे स्टेशन जंक्शन के रूप में विकसित होंगे, जिससे क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की लागत वर्ष 2016 में करीब 2200 करोड़ रुपये आंकी गई थी। बाद में इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने पर लागत बढ़कर 3540 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। दिवाना से दौराला तक रेलवे लाइन के लिए पिलर भी लगाए गए थे और भूमि अधिग्रहण के लिए 473 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी। अब अंतिम सर्वे और नई डीपीआर के बाद परियोजना की लागत में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे की वर्ष 2025-26 की पिंक बुक में इस परियोजना के अंतिम सर्वे के लिए बजट जारी किया गया है। उत्तर रेलवे के केंद्रीय कार्यालय के पीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के अंतिम सर्वे के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अंतिम सर्वे के बाद नई डीपीआर तैयार होगी, जिसे रेलवे बोर्ड, नीति आयोग, वित्तीय समिति और केंद्र सरकार की कैबिनेट से मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो सकेगी।
डिजाइन तय होने के बाद होगा मुआवजा तय
रेलवे लाइन का अंतिम डिजाइन तैयार होने के बाद ही किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की स्थिति स्पष्ट होगी। पूर्व की योजना के अनुसार करीब 398 हेक्टेयर भूमि के लिए 662 करोड़ रुपये तक मुआवजे का आकलन किया गया था, लेकिन नई डीपीआर और संशोधित डिजाइन के बाद इसमें बदलाव संभव है।
10 स्टेशनों से जुड़ेगा रेल नेटवर्क
मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन पर कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ जिले के दौराला, सरधना और मुल्हेड़ा, मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना, जौला और गढ़ीराजपुर, शामली जिले के एलम, गंगेरू और तित्तरवाड़ा तथा पानीपत जिले के बापौली, दिवाना और पानीपत शामिल हैं।
पांच लोकसभा और 13 विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस नई रेलवे लाइन के बनने से पांच लोकसभा और 13 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 300 गांवों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक रेल संपर्क मजबूत होगा।