शामली। किसानों के कंडेला में आंदोलन जारी रहने से मेरठ- करनाल हाईवे और पानीपत खटीमा हाईवे को जोड़ने वाले कंडेला-टपराना बाईपास का अगले दो माह कार्य पिछड़ सकता है। कंडेला में उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़वाने के लिए कैराना सांसद प्रदीप चौधरी की सिफारिश पर नया डिजाइन बनाने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही बागपत एनएचएआई की ओर से नया डिजाइन निर्माण एजेंसी को प्राप्त हो सकता है।
मेरठ-करनाल हाईवे और पानीपत-खटीमा हाईवे को जोड़ने वाले कंडेला-टपराना बाईपास का पिछले एक साल से मिट्टी, उपरिगामी पुल निर्माण कार्य हिसार की एक कंपनी करा रही है। कंडेला गांव के मुख्य मार्ग पर बाईपास के उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए पिछले चालीस दिन से बेमियादी धरना जारी रहा है। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नितिन गडकरी को कंडेला में उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए मिल चुके हैं। सांसद की पैरवी पर एनएचएआई बागपत उपरिगामी पुल बदलकर नया डिजाइन की तैयारी चल रही है। कंडेला-टपराना बाईपास की निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक घनश्याम सिंह का कहना है कि कंडेला उपरिगामी पुल का डिजाइन बदला जा रहा है। जल्दी ही निर्माण एजेंसी को प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बाईपास का निर्माण किसानों के आंदोलन के चलते दो माह कार्य लेट हो जाने की संभावना है।
-टपराना और कंडेला में बनेगा नया गोल चक्कर
टपराना और कंडेला में नया गोल चक्कर बनेगा। गोल चक्कर के माध्यम से शामली बाईपास, शामली शहर, करनाल जाने और आने की सुविधा युक्त होगा। इसी प्रकार कंडेला में नया गोल चक्कर का डिजाइन तैयार किया जा रहा है।