कैराना बेगमपुरा बाजार में खजला और फैनी खरीदते रोजेदार।
- फोटो : SHAMLI
शामली/कैराना/थानाभवन। लॉकडाउन के बीच रमजान माह शनिवार से शुरू हो गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पहला रोजा रख घरों पर रहकर खुदा की इबादत की। हॉटस्पॉट इलाकों में घरों पर ही जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया।
शुक्रवार शाम को चांद का दीदार होने के बाद शनिवार को पहला रोजा रखा गया। सुबह के वक्त साढ़े 6 बजे से साढ़े 9 बजे तक लॉकडाउन में छूट मिलने पर राशन व अन्य जरूरी सामानों की दुकानें खुली, लेकिन शहर में इक्का दुक्का दुकानों पर ही फैनी देखने को मिली। हॉटस्पॉट इलाकों में घरों पर ही जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया। बड़ा बाजार जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना शौकीन ने बताया कि अपने घरों में नमाज अदा की और मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआएं मांगी।
उधर, कस्बा कैराना में जामा मस्जिद बाजार के अलावा चौक बाजार में खजले व फैनी की बड़ी संख्या में ठेली पर रोजेदारों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते वहां के हालत कुछ अलग ही नजर आए। कस्बे में खजले व फैनी की 6-7 ठेलियां ही नजर आईं। चौक बाजार में खजले-फैनी की ठेली लगाने वाले सलीम ने बताया कि इस बार लॉकडाउन के कारण लोगों के काम धंधे बंद होने से आर्थिक समस्या भी है, जिस कारण पहले रोजे के दिन ही ग्राहक भी कम ही आए। वहीं, थानाभवन में रमजान में पहले रोजे पर लोग घरों में ही रहे। घर में ही पुरुषों के साथ महिला व बच्चों ने सहरी के बाद फजर की नमाज अदा करते हुए कोरोना को दुनिया से खत्म करने की अल्लाह से दुआ मांगी। कस्बा निवासी कारी अल्ताफ ने बताया कि एक दिन पहले ही सभी मस्जिदों व मदरसों से ऐलान कर दिया गया था कि फजर की नमाज पढ़ने के लिए कोई मस्जिद में न आए और लोगों ने इसका पालन किया।
शामली आजाद चौक में खजला और फैनी खरीदते रोजेदार।- फोटो : SHAMLI
कैराना चौक बाजार में खजला और फैनी खरीदते रोजेदार।- फोटो : SHAMLI