शामली। बृहस्पतिवार की रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनपद की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अचानक मौसम बदलने के बाद जिलेभर में 50 से अधिक स्थानों पर फॉल्ट आने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शुक्रवार दोपहर तक लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आंधी और बारिश के बाद दैठड़ा, भाजू, डंडूखेड़ा, चुनसा, आदर्श मंडी, झिंझाना रोड, खेड़ी करमू, गगन विहार, कमला कॉलोनी, वेद विहार और तहसील फीडर समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कैराना, कांधला, जलालाबाद, थानाभवन, ऊन और बाबरी क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति घंटों तक ठप रही। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के उपभोक्ता प्रभावित हुए।
बिजली गुल होने के कारण शहर के काजीवाड़ा और तहसील क्षेत्र में सुबह के समय पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। जलापूर्ति न होने से लोगों को हैंडपंप और निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी हुई।
सुरेंद्र सिंह का कहना है कि हल्की बारिश और हवा में भी बिजली लाइनों में फॉल्ट आ जाते हैं, जिससे हर बार उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने विभागीय व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
संजय चौधरी ने बताया कि बिजली विभाग करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन इसके बावजूद बारिश होते ही पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है।
अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण कुछ स्थानों पर फॉल्ट आ गए थे, जिन्हें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
13 करोड़ खर्च के बावजूद व्यवस्था पर सवाल
शामली। पिछले वर्ष बिजली व्यवस्था सुधार के लिए करीब 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसमें जर्जर तार बदलने, ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने और नए उपकरण लगाने का कार्य शामिल था। इसके बावजूद हर बारिश और आंधी में फॉल्ट की समस्या सामने आने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
शामली में तहसील रोड पर बिजली लाइन को ठीक करते ऊर्जा निगम के कर्मचारी। ऊर्जा निगम- फोटो : 1