सीएचसी शामली में महिला वार्ड में बंद पडृा पंखा। संवाद
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शामली/बनत/कैराना/ऊन। भीषण गर्मी में भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गर्मी से बचाव की सुविधाएं केवल दावों में ही है। धरातल पर इंतजाम पर्याप्त नहीं है। वार्डों व ओपीडी में कहीं पंखे खराब तो कहीं बंद पड़े हुए है। जिले में सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की गई तो इस तरह की स्थिति सामने आई।
जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड में एक पंखा खराब मिला। बेड पर तीन दिन से भर्ती मरीज साजिद निवासी मन्ना माजरा ने बताया कि पंखा खराब होने से नहीं चल रहा है। वार्ड में एक एसी व अन्य पंखे चलते हुए मिले। सीएमएस डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं हैं। वार्ड में खराब पंखे की जानकारी कर उसे ठीक कराया जाएगा।
सीएचसी शामली में ओपीडी गैलरी में एक पंखा बंद मिला। महिला वार्ड के एक कक्ष में चार पंखों में एक पंखा खराब था।सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं हैं। अगर कोई पंखा खराब है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
कुड़ाना सीएचसी पर शुक्रवार सुबह 11 बजे ओपीडी हॉल के सभी पांच पंखे बंद मिले जबकि चिकित्सकों के कक्ष में पंखे चलते हुए मिले। चिकित्सा प्रभारी डॉ. अंकित कुमार ने बताया कि सभी पंखे चालू हालत में है। सुबह के समय पंखे न चलने के बारे में जानकारी की जाएगी।
सीएचसी कैराना के जनरल वार्ड में न तो कूलर मिला और न ही एसी लगा मिला। आठ बेड के जनरल वार्ड में चार पंख लगे मिले। बिजली जाने पर यहां पंखे बंद हो जाते हैं। जनरल वार्ड में लगा कूलर खराब मिला। इमरजेंसी रूम में पंखे के अलावा एसी भी लगा था। पानीपत रोड निवासी मरीज सादिक और हसमूदा ने बताया कि पंखों से गर्म हवा आती है। मरीजों के लिए कूलर तो होने ही चाहिए।
ऊन सीएचसी पर जनरल वार्ड में पंखे चलते मिले। गांव शयमली शामला निवासी मरीज किरणपाल व पांथुपुरा निवासी अमित कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए कमरों की तरह ओपीडी हॉल में भी एसी लगाए जाने चाहिए।
सीएचसी शामली में महिला वार्ड में बंद पडृा पंखा। संवाद- फोटो : 1
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