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शीतगृहों में पहुंचना शुरू हो गया आलू

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शीतगृहों में पहुंचना शुरू हो गया आलू
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शामली। बीते वर्ष अच्छे दाम मिलने से इस बार किसानों ने आलू का रकबा बढ़ा दिया है। इससे आलू का उत्पादन बढ़ने की संभावना है। आलू की खोदाई शुरू होते ही शीतगृहों (कोल्ड स्टोरेज) में भी आलू पहुंचना शुरू हो गया है। शीतगृहों में अक्तूबर तक के लिए आलू का भंडारण किया जाता है। दाम अच्छे होने पर यहां से आलू की निकासी कर ली जाती है।
पिछले साल आलू के दाम ऊंचाइयों पर रहे थे। कुछ माह पहले तक आलू फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो तक बिका। 50 किलो के कट्टे के दाम 1200 से 1500 रुपये तक पहुंच गए थे। बाजार में नया आलू आते ही दाम गिर गए हैं। आलू दस रुपये किलो फुटकर में बिक रहा है। थोक में 50 किलो का कट्टा 400 रुपये का मिल रहा है। जल्द ही आलू की खोदाई तेजी से शुरू होने वाली है। इस बार आलू का रकबा 1200 हेक्टेयर के लगभग है। उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में किसान कोल्ड स्टोरेज में आलू रखते हैं। कुछ किसानों ने आलू पहुंचाना भी शुरू कर दिया है। माजरा रोड स्थित चौधरी कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि किसानों ने आलू लाना शुरू कर दिया है। 22 फरवरी से इसे अक्तूबर माह तक के लिए कोल्ड स्टोर में रखा जाएगा। वह बताते हैं कि इस बार ज्यादा आलू आने की संभावना है। पिछले साल उनके यहां 35 हजार कट्टे आलू रखा गया था। इस बार उत्पादन अधिक होने से ज्यादा आलू आ सकता है।
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जिले में 18.76 लाख क्विंटल की क्षमता के स्टोरेज
शामली। जनपद में 18 लाख 76 हजार 878 क्विंटल क्षमता के सात कोल्ड स्टोरेज हैं। कोल्ड स्टोरेज संचालक आलू स्टोर करने की तैयारी में लगे हुए हैं। फरवरी से अक्तूबर माह तक के लिए आलू कोल्ड स्टोर में रखा जाता है।
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बढ़ा दिया स्टोरेज का किराया
इस बार कोल्ड स्टोर संचालकों ने किराये में भी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले वर्ष 130 रुपये कट्टे के हिसाब से आलू स्टोर किया गया था, जबकि अब 135 रुपये प्रति कट्टा किराया है। किसान अक्तूबर तक जब चाहे आलू रख सके हैं और निकाल भी सकते हैं।
इन्होंने कहा...
पिछले साल के मुकाबले आलू का रकबा बढ़ा है। उत्पादन भी बढ़ने की उम्मीद है। कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं देखी जा रहीं हैं।
- डा. हरित कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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