शामली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव युक्त जीवन जी रहे हैं। इतलर ही नहीं तनाव के चलते लोग मानसिक विकारों का शिकार भी हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल में यह समस्या ज्यादा बढ़ी है। इसकी वजह किसी को रोजगार की चिंता तो कोई आर्थिक समस्या से जूझ रहा है। कुछ लोगों के मन में कोरोना को लेकर अनजाना सा डर बना रहता है। चिकित्सकों का कहना है कि सकारात्क सोच से मानसिक विकारों से बचाव किया जा सकता है।
जिले की बात करें तो यहां पर अभी जिला अस्पताल चालू नहीं हुआ है। सीएचसी शामली को जिला अस्पताल के रूप में चलाया जा रहा है। यहां पर किसी मनोचिकित्सक की तैनाती नहीं है। इस कारण मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों को दूूसरे शहरों में जाना पड़ता है।
मानसिक रोग के लक्षण
उदास रहना।
परिवार व दोस्तों से अलग रहना।
बार-बार स्वभाव में बदलाव होना।
असामान्य व्यवहार करना।
घबराहट या डर लगना।
कारण
पारिवारिक माहौल ठीक न होना।
सिर पर गंभीर चोट लगना।
बचपन में होने वाली दुर्घटना का दिमाग पर असर होना।
पौष्टिक भोजन न करना।
नशीले पदार्थों का सेवन करना।
बचाव
योग करना
मनोचिकित्सक से सलाह लेना।
आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करना।
भरपूर नींद लेना।
दोस्तों के साथ समय बिताना।
तनावमुक्त रहना।
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कोट
जिले में मनोचिकित्सक की तैनाती नहीं है। मानसिक विकारों से बचने के लिए तनावमुक्त रहना, संतुलित भोजन, भरपूर नींद और दिनचर्या सही रखनी चाहिए। - डा. सफल कुमार, सीएमएस।