कैराना। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के सहायक पर्यावरण अभियंता ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कैराना स्थित मीट प्लांट पर छापा मारा। छापे के दौरान अधिकारियों ने प्लांट की वजह से होने वाले प्रदूषण की जांच की तथा मीट प्लांट के प्रबंधक से पिछले 4 दिनों की सीसीटीवी फुटेज की मांग की।
पिछले कई साल से कैराना में कांधला रोड पर मीम एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मीट प्लांट चल रहा है। प्लांट में मानक से अधिक पशुओं के कटान के आरोप लगते आ रहे हैं साथ ही प्लांट की भट्ठियों में हड्डियों को गलाने के समय होने वाले प्रदूषण के कारण आसपास इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आरोप है कि पशुओं का ब्लड पाइपों के द्वारा जमीन में उतारा जाता है। जिस कारण आसपास के क्षेत्र में पीने का पानी विषैला हो गया।
वहीं, बुधवार को मुजफ्फरनगर से सहायक पर्यावरण अभियंता आरके सिंह ने तहसीलदार अभयराज पांडेय, कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया और नायब तहसीलदार कोमिन्द्र कुमार के साथ मीट प्लांट पर छापा मारा। यहां पर अधिकारियों ने मीट प्लांट से होने वाले प्रदूषण के बारे में गहनता के साथ जांच की।
तहसीलदार ने मीट प्लांट के लाइसेंस संबंधी कागजों की भी जांच की। मीट प्लांट में चार सीसीटीवी लगे हुए हैं। जिस पर कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने मीट प्लांट के प्रबंधक मोहम्मद फाजिल कुरैशी को दो सीसीटीवी कैमरे और लगाने के निर्देश दिए। जिनमें से एक कैमरा कटान कक्ष में तथा दूसरा कैमरा जिंदा पशुओं के बांधने के स्थान पर लगाया जायेगा।
कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने बताया कि मीट प्लांट में चोरी के पशुओं के कटान और एक साल से कम उम्र के पशुओं के कटान की शिकायतें मिल रही थी। उक्त दोनों कैमरों से चोरी के पशुओं व छोटे पशुओं पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने प्लांट के प्रबंधक से पिछले चार दिनों की सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए मांगी है। सहायक पर्यावरण अभियंता आरके सिंह ने बताया कि प्लांट के प्रदूषण की जांच करने के लिए प्लांट में गये थे। साथ ही सीसीटीवी के बारे मे भी कहा गया है। मीट प्लांट की जांच करके रिपोर्ट बनायी जाएगी।