शामली। भारतीय जनता पार्टी में अब जिलाध्यक्ष पद को लेकर विवाद हो गया। चुनाव अधिकारी के सामने ही कई पदाधिकारियों ने कहा कि नगर मंडल अध्यक्षों का चुनाव सर्वसम्मति से कर लिया गया, तो फिर जिलाध्यक्ष पद पर चुनाव की औपचारिकता क्यों की जा रही है।
शनिवार को चुनाव प्रभारी सांसद हरीश द्विवेदी और कैराना से सांसद हुकुम सिंह चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए शामली पहुंचे। बुढ़ाना रोड रेलवे क्रासिंग के पास सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसके बाद जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों से नामांकन लिए गए। 10 लोगों ने नामांकन पत्र जमा कराए, लेकिन उनमें से कई के पास पर्याप्त संख्या प्रस्तावक नहीं थे।
इस वजह से चार लोगों के नामांकन स्वीकृत कर लिए गए। इनमें पवन तरार, पंकज राणा, राजेंद्र सिंह मादलपुर और दामोदर सैनी का नामांकन सांसद हरीश द्विवेदी अपने साथ ले गए हैं। संभावना है कि इन्हीं चारों में से किसी एक के नाम पर मुहर लग जाएगी। इस दौरान भाजपा नगराध्यक्ष डॉ. विपिन कौशिक के अलावा मनोज शर्मा, विपिन गोयल, तेजेंद्र निर्वाल, तरुण अग्रवाल, रामजीलाल कश्यप, रवि गोयल, पवन बजरंगी, डाक्टर मनोज चौधरी, मांगेराम शर्मा, सतेंद्र तोमर, अभय तोमर, पंकज कश्यप आदि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी भाजपाइयों में मतभेद पैदा हो गया था। नगराध्यक्ष के खिलाफ कई लोगों ने आरोप लगाए थे, लेकिन बाद में डॉ. विपिन को ही नगराध्यक्ष घोषित किया था।