शामली। अब प्रत्येक थानों से लेकर पुलिस चौकियों में तैनात पुलिसकर्मी फोरेंसिक एक्सपर्ट के साथ-साथ फर्जी करेंसी, जाली पासपार्ट, बनावटी लिखाई को भी तुरंत पहचान सकेंगे। इसके लिए जिलेभर के पुलिसकर्मियों को बारी-बारी से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ और नोएडा की टीम प्रशिक्षण दे रही हैं।
ऐसा होता है कि किसी भी घटना के बाद सुबूत एकत्रित करने, जाली पासपोर्ट या फिर फर्जी करेंसी आदि की जांच के लिए नमूने या फिर एकत्रित सुबूत को निवाड़ी, लखनऊ या फिर अन्य स्थानों पर जांच के बाद भेजना होता है। वहां से जांच में छह से लेकर आठ माह तक का समय लगता है, जिसके कारण कई बार घटना के खुलासे में अधिक समय लगता है।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि आपराधिक घटनाओं को समय पर खुलवाने के उद्देश्य से जिले के कुछ पुलिसकर्मियों को जहां हाल ही में लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई वहीं लखनऊ, निवाड़ी के पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट प्रत्येक थानों, पुलिस चौकियों के पुलिसकर्मियों को फोरेसिंक, फर्जी करेंसी, जाली पार्सपोर्ट बनावटी लिखाई की पहचान संबधी, मौके पर पड़े खून के सैंपल लेने आदि संबंधी प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। शुरूआत में एसआई और हेड कांस्टेबल को ट्रेंड किया जा रह है। इसके बाद सिपाहियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से भी पुलिसकर्मी प्रशिक्षण लेकर प्रयोग कर रहे हैं।
प्रशिक्षण में इस पर दिया जा रहा विशेष ध्यान प्रशिक्षण में फोरेंसिक साक्ष्यों के सरंक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में पुलिस जवानों को विभिन्न तरह के विस्फोटक, नाइट्रेट, आरडीएक्स की जानकारी देने के साथ ही मौके पर उनकी पहचान करना सिखाया जा रहा है। इसके अलावा जहरीले पदार्थ,डीएनए टेक्नालॉजी, पोस्टमार्टम की तकनीकी जांच के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे कि हत्या और वारदातों में पुलिस को जांच में सहायता मिल सके।
किसी भी अस्पताल में एंटी वेनम की कमी नहीं, घर-घर जाकर बताएंगी आशाएं
शामली। जिले में हर माह पांच से छह मामले सांप काटने के आ रहे हैं। मगर जागरुकता के अभाव में कई बार लोग झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं और जान से हाथ धो बैठते हैं। एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि जिले के किसी भी अस्पताल में एंटी वेनम की कमी नहीं है। जहरीले जानवर के काटने पर एंटी वेनम लगवाई जाती है। आशा और अन्य कर्मचारियों के माध्यम से गांव गांव में यह जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी ताकि सांप काटे पीड़ित का समय पर इलाज कराकर जान बचाई जा सके। इस संबंध में सीएमओ ओर अन्य सीएचसी अधीक्षकों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।