सड़क दुर्घटनाओं का कारण तलाशेगी पुलिस
शामली। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अब उसका कारण तलाशेगी। 15 मार्च से यातायात निदेशालय की तरफ से दिए गए आईरेड (इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस) एप्लीकेशन पर पुलिस को दुर्घटना से संबंधित डाटा ऑनलाइन अपलोड करना होगा। जिले में शहर कोतवाली और आदर्श मंडी थाने पर थाना प्रभारियों और उप निरीक्षकों को मोबाइल एप का डेमो दिया गया।
आए दिन होने वाले हादसों को रोकने के लिए यातायात निदेशालय उप्र की तरफ से आईरेड मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया गया है। निदेशालय ने पुलिस को इस एप का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना होने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में मोबाइल एप पर डाटाबेस तैयार करेगी और इसे एप पर अपलोड करेगी। इसमें दुर्घटना स्थल, समय, दिनांक, घायल व्यक्ति आदि जानकारी मोबाइल एप पर अपलोड कर यातायात निदेशालय लखनऊ को भेजी जाएगी। इन जानकारियों के आधार पर यह देखा जाएगा कि दुर्घटना होने की वजह क्या रही। इसके बाद उस स्थान को ब्लैक स्पॉट चिह्नित करते हुए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को शहर कोतवाली और आदर्श मंडी थाने पर इस मोबाइल एप आईरेड का ड्राई रन डेमो दिया गया। इस अवसर पर थाना प्रभारी और उप निरीक्षकों के अलावा यातायात प्रभारी भंवर सिंह और एनआईसी की तरफ से अंकित शर्मा आदि मौजूद रहे।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि यातायात निदेशालय उप्र के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं की दिशा में आईरेड मोबाइल एप्लीकेशन का शहर कोतवाली और आदर्श मंडी थाने पर ड्राई रन डेमो दिया गया। उन्होंने बताया कि जिले में 15 मार्च से सड़क दुर्घटनाओं का डाटा बेस तैयार कर आईरेड एप्लीकेशन के द्वारा ऑनलाइन डाटा फीड किए जाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए थाना प्रभारियों और उप निरीक्षकों को आईरेड एप्लीकेशन का प्रयोग करने का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है।