शामली/ऊन। पुलिस प्रशासन की लापरवाही और बेरुखी ने दो गांव के मतदाताओं को चुनाव बहिष्कार करने पर मजबूर कर दिया। कीटनाशक विक्रेता के हत्यारों का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नया गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार किया।
जहांगीरपुर के ग्रामीणों ने पोलिंग बूथ दूर बनाए जाने का विरोध करते हुए मतदान में भाग नहीं लिया। हैरानी की बात है कि दोनों ही गांव वालों ने प्रशासन को पूर्व में ही चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
थाना झिंझाना के नया गांव निवासी उपेंद्र कुमार की तीन दिन पूर्व हत्या कर दिए जाने से नाराज गांव वालों ने मेरठ-करनाल हाईवे जाम किया था। उन्होंने ेपुलिस प्रशासन को हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस इसमें असफल रही, लिहाजा ग्रामीणों ने भी बृहस्पतिवार को चुनाव का बहिष्कार कर दिया।
गांव के पोलिंग बूथ संख्या 81 और 82 पर मतदान पार्टी खाली बैठी रही, कोई भी वोट डालने नहीं आया। मतदान बहिष्कार की सूचना से प्रशासन में खलबली मच गई। सीओ सिटी निशांक शर्मा, थाना झिंझाना प्रभारी निरीक्षक आरएन यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को काफी समझाया लेकिन वह नहीं माने।
हालांकि गांव के चार पांच लोग वोट डालने गए, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद कोई भी वोटिंग को नहीं आया। गांव में उपेंद्र की तेरहवीं भी बृहस्पतिवार को हुई जिसमें रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा रहा।
उधर झिंझाना क्षेत्र में गांव पिंडौरा के मजरा जहांगीरपुर के बूथ नंबर 187 और 188 के मतदाताओं का पोलिंग बूथ पिंडौरा गांव में लगाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार कर दिया। गांव के पप्पू, जयवीर, राजकुमार, कंवरपाल, विनोद आदि ने बताया कि मतदान केंद्र उनके गांव से काफी अधिक दूर बैठता है।
कई बार अधिकारियों से अनुरोध किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एसडीएम रामौतार गुप्ता ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने ।