शामली। अपहृत दूल्हे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ एसपी आवास पर हंगामा प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मामले में लापरवाही बरत रही है।
मंगलवार को गांव जमालपुर के ग्रामीणों की भीड़ पूर्वी यमुना नहर पुल के पास पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि जमालपुर निवासी प्रहलाद की 10 जुलाई को शादी हुई थी। इसके बाद 13 जुलाई को उसका अपहरण हो गया। शादी समारोह के दौरान डीजे संचालक और उसके साथियों ने बारातियों तथा दूल्हे का झगड़ा हुआ था।
परिजनों ने आशंका जताई थी कि डीजे संचालक और उसके साथियों ने ही प्रहलाद का अपहरण किया है। ग्रामीणों ने मेरठ-करनाल हाईवे जाम करके प्रदर्शन भी किया था, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी प्रहलाद को पुलिस बरामद नहीं कर सकी। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी निशांक शर्मा तथा कोतवाली प्रभारी ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। आश्वासन दिया कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर प्रहलाद को बरामद कराया जाएगा। इस दौरान रविंद्र, राधेश्याम, ओमी, रेखा, शिमला, शोकेंद्र, राजो, अमरेश, विद्या, कश्मीरी, कमला और रामकली मौजूद रहीं।
मध्य प्रदेश भेजी पुलिस टीम
गांव जमालपुर निवासी प्रहलाद को बरामद करने के लिए झिंझाना थाना पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश भेजी गई है। थानाध्यक्ष का कहना है कि प्रहलाद कपड़ा व्यापार के सिलसिले में अक्सर मध्य प्रदेश जाता था। उधर, पुलिस ने मामले में नामजद आरिफ और गौरव को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
युवक के परिजनों ने लगाए आरोप
प्रहलाद के अपहरण मामले में पुलिस ने झिंझाना निवासी आरिफ और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों युवकों के परिजनों ने मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शादी समारोह के दौरान डीजे बजाने को लेकर बारातियों और दूल्हे ने गौरव तथा आरिफ से मारपीट कर डीजे में तोड़फोड़ कर दी थी। उसकी शिकायत उसी दौरान पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि प्रहलाद के परिजनों के दबाव में आकर पुलिस ने आरिफ और गौरव को गिरफ्तार कर लिया।