शामली। पुलिस प्रशासन ने दिल्ली सीमा पर आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों और चमोली में आई आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रस्तावित हवन नहीं होने दिया। पुलिस मौके से एक बुजुर्ग को पकड़कर थाने ले गई। बाद में उन्हें घर छोड़ दिया गया। हवन का आह्वान करने वाले किसान यूनियन के नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद रखा गया। हवन करने के रोकने पर पुलिस से किसान यूनियन के पदाधिकारियों से पुलिस की झड़प हुई।
किसान यूनियन की ओर से मंगलवार को गुरुद्वारा तिराहे पर स्थित चौधरी चरणसिंह प्रतिमा स्थल पर हवन का कार्यक्रम रखा गया था। यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार हवन के दौरान किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों और उत्तराखंड आपदा में जान गंवाने वालों की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते। किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव सुनील पंवार ने बताया कि वह साढ़े 11 बजे प्रतिमा स्थल पर पहुंचे, तो वहां भारी पुलिस बल मौजूद था। अंदर गांव कुड़ाना निवासी जयपाल सिंह भी मौजूद थे। वहां आए अन्य किसानों को पुलिस ने भगा दिया। वह किसी तरह प्रतिमा स्थल तक पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें तथा जयपाल सिंह को जबरन उठा दिया। इसे लेकर पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने उन्हें तो वहीं छोड़ दिया, जबकि जयपाल सिंह को गाड़ी में बैठाकर आदर्श मंडी थाने ले गई। वहां से बाद में उन्हें घर छुड़वाया गया।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक ने बताया कि रात में दो बजे शहर कोतवाली पुलिस उनके घर पर आ गई थी। सुबह उन्हें हवन कार्यक्रम में नहीं जाने दिया गया। इसके अलावा जिलाध्यक्ष अमित निर्वाल को उनके रेलपार स्थित आवास पर नजरबंद किए रखा। उन्होंने कहा कि किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए हवन से रोकना सरकार का तानाशाही रवैया है। उधर, आदर्शमंडी थानाप्रभारी संदीप बालियान का कहना है कि गुरुद्वारा तिराहे पर किसान यूनियन का हवन कार्यक्रम था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। किसी को आने से नहीं रोका गया।