झिंझाना। सिस्टम सोता रहा और तीन दिन में जहरीली शराब के कारण कमालपुर गांव में पांच लोगों की मौत हो गई। कमालपुर में पांच लोगों की मौत होने के बाद दहशत पसर गई। परिवारों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। परिवारों में कमाने वाला कोई नहीं बचा। उनकी मौत से अब उनके परिवार के लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
गांव कमालपुर में शराब पीकर मरने वाले सभी लोग मजदूर तबके से जुड़े हुए हैं। इसमें संजय वाल्मीकि (22), राजकुमार वाल्मीकि (45) अपने घर में केले ही कमाने वाले थे। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। दोनों की मौत के बाद अब उनके घर में कोई भी कमाने वाला नहीं रहा। संजय की अभी शादी नहीं हुई थी, लेकिन उसका छोटा भाई सुरेंद्र टीबी का मरीज है।
वह मजदूरी कर पूरे परिवार का पेट पाल रहा था। मकान भी कच्चा है। इंद्र कश्यप (55) माली हालत भी खस्ता है। धर्मपाल कोरी (50) के छह बच्चे हैं। इनमें तीन पुत्रियां अविवाहित हैं। मजदूरी कर घर का खर्च चला रहा था। सरदार जोगा सिंह शराब बेचता था। घर में उसकी पत्नी है, लेकिन कोई औलाद नहीं है। अब घर में दूसरा कोई कमाने वाला नहीं है। उधर गांव में पहुंचे कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी व डीआईजी शरद सचान ने जोगा सिंह के घर जाकर जानकारी की है। यही हाल शराब पीकर गंभीर हालत में पहुंचे मोर ध्वज, चंद्रपाल, संतलाल, महेंद्र, मामचंद, राजू, पप्पू, देशराज, सोहनबीर, प्रताप, राम गोपाल, रोशन, राजबीर, संजीव, बलबीर सिंह का भी है।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार : पोस्टमार्टम के बाद दोनों लोगों के शव को लेकर ग्रामीण गांव में पहुंचे, जिस पर उनके घरों में कोहराम मच गया। शाम को उनके शवों को श्मशान घाटा ले जाया गया, जहां पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान एएसपी श्लोक कुमार झिंझाना पुलिस के साथ मौके पर मौजूद रहे।
पांच लोगों की मौत से गांव में मातम
झिंझाना। पांच लोगों की शराब पीने से मौत के बाद गांव में मातम छाया हुआ है। भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है और पूरा गांव छावनी बना हुआ है। यही कारण है कि फोर्स केे देखकर ग्रामीण भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गांव कमालपुर निवासी ग्रामीण सचिन, सुदरलाल, अरविंद, सरदारसिंह, सुभाष, आदेश, अंकित, यशपाल, रामनाथ, सतपाल, राजेंद्र का कहना है की तीन लोगों की मौत से गांव में मातम था। बुुधवार को दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। लोग मृतकों के परिवार को सांत्वना देेने के लिए पहुंच गए। उधर एसपी के आदेेश पर भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई। जिसके बाद गांव छावनी में तब्दील हो गया। देर शाम गांव के घरों में चूल्हे भी नहीं जले।
मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
शामली। शराब पीने से हुई दोनों लोगों की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं हो सका। डाक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। जिसे जांच के लिए आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। गांव कमालपुर निवासी राजकुमार और धर्मपाल की बुधवार सुबह मौत हुई, जबकि मंगलवार को दो और सोमवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। तीन लोगों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था, लेकिन बुधवार को हुई दोनों मौत के बाद पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए। डाक्टरों की टीम ने उनका पोस्टमार्टम किया। देर शाम दोनों की रिपोर्ट भी आ गई। जिसमें मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। डाक्टरों की टीम ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से विसरा सुरक्षित किया गया है। आगरा प्रयोगशाला से विसरा की जांच रिपोर्ट आने पर मृत्यु का सही कारण पता चल सकेगा।