शामली। सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने सोमवार को शामली कलक्ट्रेट पहुंचकर वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ मीटिंग कर उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दोपहर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल शामली कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां प्रत्येक कक्ष का भ्रमण कर पटल सहायकों से कार्यों के संपादन की जानकारी ली। उन्होंने आरसी की मांग कंप्यूटर पर अपडेट करने और लंबित आरसी की स्थिति को कंप्यूटर पर चैक किया, जिसमें तीव्रता लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बडे़ बकायेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के साथ उनकी संपत्ति कुर्क कर उसका अंकन खतौनी में दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लंबित वादों की समीक्षा कर पांच वर्ष से पुराने वादों को शीघ्र निस्तारण करने के लिए कहा। उन्होंने चरित्र प्रमाण पत्र और हैसियत प्रमाण-पत्र को ऑनलाइन जारी करने के लिए शासन को पत्र भेजने के लिए कहा।
इसके साथ शस्त्रागार, रिकार्ड रूम, ऑडिट आपत्तियां निस्तारण, सामान्य कार्य, खनन, आदि कार्यों के संबंध में पटल सहायकों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्यालय अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
आपूर्ति विभाग में राशन कार्डों और राशन वितरण के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद मंडलायुक्त ने निर्माणाधीन कलक्ट्रेट मुख्यालय और ऊन तहसील कार्यालय का भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाएं तथा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्माण एजेंसी को हिदायत की निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही सामग्री निर्धारित मानक के अनुरूप ही लगाई जाए, अन्यथा कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि वह स्वयं भी निर्माणाधीन कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखते रहें। मौके पर डीएम, सुजीत कुमार, एडीएम भरतजी पांडेय, उपजिलाधिकारी कैराना भानु प्रताप यादव, उपजिलाधिकारी ऊन विजय कुमार तिवारी, डिप्टी कलक्टर दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार वीरेंद्र मित्तल, राकेश त्यागी, सीओ भूषण वर्मा आदि मौजूद रहे।